भिवंडी करों पर मनपा के बजट जितना, उतना प्रॉपर्टी टैक्स बकाया

994.30 करोड़ की देनदारी, 175.74 करोड़ लक्ष्य के मुकाबले अब तक सिर्फ 70 करोड़ वसूली


भिवंडी। भिवंडी-निजामपुर शहर महानगरपालिका (मनपा) पर प्रॉपर्टी टैक्स वसूली को लेकर गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है। शहरवासियों पर कुल 994.30 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है, जिसमें करीब 418 करोड़ रुपये माफ ब्याज के हैं। यह रकम मनपा के वार्षिक बजट के लगभग बराबर बताई जा रही है। ऐसे में विकास कार्यों की रफ्तार पर भी असर पड़ रहा है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मनपा प्रशासन ने 175.74 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य तय किया है, लेकिन अब तक करीब 70 करोड़ रुपये ही वसूले जा सके हैं। आंकड़े बताते हैं कि पहले सात महीनों में महज 29.96 करोड़ रुपये की वसूली हुई, जिसमें 16 करोड़ रुपये चालू वर्ष का टैक्स और 13 करोड़ रुपये पुराना बकाया शामिल है।

ब्याज माफी योजना के भरोसे वसूली....

प्रॉपर्टी टैक्स विभाग के उपायुक्त बालकृष्ण क्षीरसागर ने बताया कि बकाया टैक्स की वसूली में सुस्ती लंबे समय से मनपा के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बकाया वसूली के लिए मनपा ‘अभय योजना’ चला रही है, जिसके तहत ब्याज में शत-प्रतिशत छूट दी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना की अवधि सीमित है और 31 मार्च 2026 के बाद किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। योजना के बाद भी भुगतान नहीं करने वाले बड़े बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वसूली के लिए 80 से अधिक क्लर्क तैनात....

प्रॉपर्टी टैक्स विभाग प्रमुख सुधीर गुरव ने बताया कि वसूली प्रक्रिया को तेज करने के लिए पांचों प्रभाग समितियों में 80 से अधिक क्लर्कों की नियुक्ति की गई है। उन्हें 2,85,171 संपत्ति धारकों से वसूली की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा विशेष टीमें भी गठित की गई हैं, जो बड़े बकायेदारों पर नजर रख रही हैं।

विकास कार्यों पर पड़ रहा असर.....

मनपा की आय का प्रमुख स्रोत प्रॉपर्टी टैक्स है, लेकिन कई वर्षों से अपेक्षित वसूली नहीं होने के कारण सड़कों, जलापूर्ति, सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बड़ी संख्या में संपत्ति धारक ब्याज माफी योजनाओं का इंतजार करते हुए भुगतान टाल देते हैं, जिससे बकाया लगातार बढ़ता जा रहा है।

कहां कितनी संपत्तियों पर बकाया....

प्रभाग 1 में 69,863 आवासीय और 9,598 व्यावसायिक, कुल 79,461 संपत्तियों पर बकाया है।

प्रभाग 2 में 52,298 आवासीय और 8,073 व्यावसायिक, कुल 60,371 संपत्तियां बकायेदार हैं।

प्रभाग 3 में 59,776 आवासीय और 7,559 व्यावसायिक, कुल 67,335 संपत्तियों पर बकाया है।

प्रभाग 4 में 32,776 आवासीय और 8,243 व्यावसायिक, कुल 41,019 संपत्तियां बकायेदार हैं।

प्रभाग 5 में 30,720 आवासीय और 6,265 व्यावसायिक, कुल 36,985 संपत्तियों पर टैक्स बकाया है।

प्रभाग नुसार बकाया (करोड़ रुपये में)

प्रभाग 1 : पिछला 296.94, चालू वर्ष 51.95, कुल 348.89 करोड़

प्रभाग 2 : पिछला 161.65, चालू वर्ष 33.81, कुल 195.46 करोड़

प्रभाग 3 : पिछला 141.03, चालू वर्ष 35.49, कुल 176.52 करोड़

प्रभाग 4 : पिछला 124.17, चालू वर्ष 34.08, कुल 158.25 करोड़

प्रभाग 5 : पिछला 94.77, चालू वर्ष 20.41, कुल 115.18 करोड़

आंकड़े बताते हैं कि प्रभाग 1 में सबसे ज्यादा 348.89 करोड़ रुपये का बकाया है।अब देखने वाली बात यह होगी कि मनपा प्रशासन तय लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कितनी सख्ती और प्रभावी रणनीति अपनाता है। फिलहाल शहर पर टैक्स का बढ़ता बोझ और धीमी वसूली मनपा की वित्तीय सेहत के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

रिपोर्टर

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