नियमों को ताक में रखकर ओवरलोड सवारी ढ़ो रही ऑटो रिक्शा, देखकर भी अंजान बना प्रशासन

भिवंडी। भिवंडी में ऑटो रिक्शा चालक नियम कानून को ताक पर रखकर ओवरलोड सवारियां ढो रही है। यहां 3 के बजाय 5 से 6 सवारी बैठाकर रिक्शा चालक रिक्शा चलाते है।जिसके कारण खराब व उबड़ खाबड़ सड़को पर हमेशा दुर्घटना की स्थिति बनी रहती है।बावजूद प्रशासन सब कुछ देखकर भी अंजान बना हुआ है।जिसके कारण रिक्शा चालकों के हौसले बुलंद है।

मालूम हो कि एशिया की सबसे बड़ी पावरलूम नगरी भिवंडी में यातायात के लिए लोकल ट्रेन अथवा लोकल बस सेवा की सुविधा उपलब्ध नहीं है।ऐसे में यहां पर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए ऑटो रिक्शा ही मुख्य यातायात के लिए साधन है। यहां पर मीटर के बजाय रिक्शा शेयर पर चलता है और एक स्टॉप से दूसरे स्टॉप पर जाने के लिए प्रति सवारी 15 रुपया भाड़ा निर्धारित है।ऐसे में ज्यादा कमाने की लालच में रिक्शा चालक नियम कानून को ताक पर रखकर 3+1 का पासिंग के बजाय 5 से 6 बैठकर ढोते है।हालांकि ओवरलोड सवारी ढोना गैर कानूनी है।क्योंकि खराब सड़को पर ओवरलोड वाहन अनियंत्रित हो सकते हैं, जिससे टायर फटने या ब्रेक फेल होने की संभावना बढ़ जाती है।बावजूद नियम कानून को ताक पर रखकर यहां रिक्शा चालक अपनी कमाई बढ़ाने के लिए ओवरलोड सवारी ढोते है। यातायात विभाग के अनुसार भिवंडी में कुल 20 हजार से ज्यादा रिक्शा चलते है।जिसमें बिना परमिट व पासिंग किए अवैध रिक्शों का भी समावेश है।इधर ऑटो रिक्शा चालकों का कहना है कि शेयर में रिक्शा चलने के कारण मात्र तीन सवारी बैठाकर चलने पर उनका पेट भरना मुश्किल हो जाता है।क्योंकि तीन सवारी बैठने पर एक ट्रिप में उन्हें मात्र 45 रुपए की कमाई होती है,लेकिन ओवर सीट पैसेंजर बैठने पर उनकी कमाई दो गुनी हो जाती है।ऐसे में ओवर सीट पैसेंजर ढोना यहां उनकी मजबूरी है।इधर यातायात विभाग के सहायक आयुक्त शरद ओव्हाल (sharad ovhal) का कहना है कि ओवर लोड सवारी ढोने वाले रिक्शाओं पर आए दिन दंडात्मक कार्रवाई की जाती है।बावजूद रिक्शा चालकों में कोई सुधार नहीं हो रहा है।उनका कहना है कि ज्यादा सीट लेकर चलने वाले रिक्शों पर कार्रवाई तेज कर दी गई है।जल्दी ही इसको नियंत्रित कर लिया जाएगा।उनका कहना है कि रिक्शा को सीज करना अथवा उनका परमिट रद्द कारण आरटीओ का काम है। कानूनी कार्रवाई: मोटर वाहन अधिनियम की धारा 194A के तहत यात्री वाहनों में क्षमता से अधिक सवारी मिलने पर ₹200 प्रति अतिरिक्त यात्री का जुर्माना लगता है। साथ ही, 20,000 रुपये का भारी जुर्माना और परमिट रद्द करने तक की कार्रवाई हो सकती है।

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