भिवंडी में प्रशासन का अजीबोगरीब कारनामा
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Apr 16, 2026
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गुटखा माफिया बेखौफ, छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई
तीन दुकानों पर छापेमारी,39 हजार का माल जब्त। तीन पर केस
भिवंडी। भिवंडी में अन्न एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की कार्रवाई को लेकर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। एक ओर जहां लाखों रुपये के प्रतिबंधित गुटखे को डंपिंग ग्राउंड से निकालने की कोशिश करने वाले माफियाओं पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, वहीं दूसरी ओर छोटे दुकानदारों पर छापेमारी कर केस दर्ज किए जाने से प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।एफडीए की टीम ने 15 अप्रैल 2026 को वंजारपट्टी नाका क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए तीन दुकानों—शालू जनरल स्टोअर्स, अपनी पान शॉप और बारादरी पान शॉप—पर छापेमारी की। जांच के दौरान प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों का भंडारण और बिक्री पाए जाने पर अधिकारियों ने कुल 39,473 रुपये मूल्य का माल जब्त किया।इस मामले में पुलिस ने तीन दुकानदारों—फैजल कुन्हाबदुल्ला, सोमनाथ शेट्टी और मोहम्मद तय्यब कैसर—के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 123, 223, 274 और 275 के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी।इस कार्रवाई के बाद शहर के अन्य छोटे दुकानदारों में भय का माहौल है। उनका कहना है कि प्रशासन केवल छोटे स्तर पर कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर रहा है, जबकि असली सप्लायर और गुटखा माफिया अब भी खुलेआम सक्रिय हैं।दरअसल, 10 अप्रैल को भिवंडी क्राइम ब्रांच और एफडीए की संयुक्त टीम ने कोर्ट के आदेश पर सोनाले गांव से जब्त किए गए करीब 63 लाख रुपये के प्रतिबंधित गुटखे को डंपिंग ग्राउंड में नष्ट करने के लिए दबाया था। लेकिन उसी रात गुटखा माफियाओं ने उसे निकालने की कोशिश की। इस दौरान स्थानीय लोगों के विरोध के चलते दो गुटों में जमकर मारपीट भी हुई थी।सूत्रों के मुताबिक, उस समय डंपिंग ग्राउंड पर मनपा के आरोग्य और स्वच्छता विभाग के अधिकारी पुलिस के साथ मौजूद थे। इसके बावजूद कई दिन बीत जाने के बाद भी इस मामले में न तो किसी माफिया के खिलाफ केस दर्ज हुआ है और न ही कोई ठोस कार्रवाई सामने आई है।इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन गुटखा माफियाओं पर सख्ती से कार्रवाई करे, तो शहर में प्रतिबंधित गुटखे की बिक्री अपने आप बंद हो सकती है।वहीं, मनपा के उपायुक्त विक्रम दराडे ने सफाई देते हुए कहा कि मामले में भिवंडी तालुका पुलिस को पत्र भेजा गया है और दोषियों के खिलाफ गुनाह दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आरोपियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन केवल छोटे दुकानदारों तक कार्रवाई सीमित रखता है या फिर असली गुटखा माफियाओं पर भी शिकंजा कसता है।


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