‘बिना बॉस’ चल रहा भिवंडी का आपातकालीन विभाग

बारिश से पहले सिस्टम ध्वस्त, आपदा आई तो कौन जिम्मेदार ?

भिवंडी। भिवंडी- निजामपुर महानगरपालिका की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। शहर का सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाला आपातकालीन विभाग पिछले करीब दो महीनों से बिना किसी जिम्मेदार अधिकारी के चल रहा है। ऐसे में मानसून से पहले ही आपदा प्रबंधन की पूरी व्यवस्था ‘भगवान भरोसे’ नजर आ रही है। जानकारी के मुताबिक, इस विभाग का अतिरिक्त प्रभार पहले अग्निशमन विभाग के अधिकारी राजेश पवार के पास था। लेकिन 28 फरवरी 2026 को उनके सेवानिवृत्त होने के बाद से अब तक किसी नए अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई है। नतीजा यह है कि विभाग पूरी तरह ‘हेडलेस’ होकर काम कर रहा है।

सूत्रों की मानें तो विभाग में कार्यरत कर्मचारियों की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है। कई कर्मचारियों को कंप्यूटर का बुनियादी ज्ञान तक नहीं है, जबकि यह विभाग अत्याधुनिक तकनीक और त्वरित प्रतिक्रिया पर आधारित होता है। इसके बावजूद यहां सेवानिवृत्ति के कगार पर खड़े कर्मचारियों के सहारे काम चलाया जा रहा है, जिसे महज खानापूर्ति माना जा रहा है।

गौरतलब है कि भिवंडी में सैकड़ों कारखाने और हजारों जर्जर इमारतें मौजूद हैं। आगजनी, इमारत गिरने और प्राकृतिक आपदाओं के समय यही विभाग सबसे पहले राहत और बचाव कार्य संभालता है। लेकिन मौजूदा हालात में यह विभाग खुद ही ‘आपात स्थिति’ में दिखाई दे रहा है। हैरानी की बात यह है कि मार्च और अप्रैल जैसे महत्वपूर्ण महीने गुजर जाने के बावजूद प्रशासन ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। न तो किसी सक्षम अधिकारी की नियुक्ति की गई और न ही योग्य, युवा कर्मचारियों की भर्ती की गई। अब जबकि मानसून सिर पर है और हर साल भिवंडी में जलभराव, इमारत हादसे और अन्य आपदाएं सामने आती हैं, ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है—अगर इस बार कोई बड़ी घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा ? स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से तत्काल इस विभाग को सक्रिय और सक्षम बनाने की मांग की है, ताकि शहर को किसी बड़े खतरे से बचाया जा सके।

रिपोर्टर

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