नाला सफाई टेंडर पर ‘ब्रेक’, मानसून से पहले भिवंडी में बाढ़ का ‘खतरा अलर्ट’

भिवंडी। भिवंडी निज़ामपुर शहर महानगरपालिका की लापरवाही एक बार फिर शहरवासियों पर भारी पड़ती नजर आ रही है। नाला सफाई का महत्वपूर्ण टेंडर स्थायी समिति के गठन में देरी के कारण अधर में लटका हुआ है। मानसून की दस्तक से पहले ही हालात ऐसे हैं कि नागरिकों में बाढ़ और जलभराव का डर साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है। शहर में नाला सफाई को लेकर प्रशासन की सुस्ती के बीच सामाजिक कार्यकर्ता परशुराम पाल ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाना शुरू कर दिया है। पाल रोजाना नालों की गहराई नापते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं, जो तेजी से वायरल हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि यही पाल कुछ साल पहले खुद नालों में उतरकर सफाई करते नजर आए थे। हालांकि वर्ष 2025 में उनकी निष्क्रियता और इस साल अचानक सक्रियता ने उनकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2025 में भिवंडी मनपा क्षेत्र के 135 नालों की सफाई के लिए 2 करोड़ 27 लाख 97 हजार 136 रुपये का ठेका जारी किया गया था। यह राशि वर्ष 2024 की तुलना में करीब 5.60 प्रतिशत अधिक थी। हैरानी की बात यह है कि वर्ष 2024 में जहां केवल 92 नालों का रिकॉर्ड था, वहीं 2025 में इनकी संख्या बढ़कर 135 हो गई। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ये अतिरिक्त 43 नाले कहां से आए? इस संबंध में प्रशासन ने अब तक कोई स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे है मौसम विभाग के अनुसार 7 जून के आसपास मानसून के आने की संभावना है। लेकिन अब तक नाला सफाई का टेंडर फाइनल नहीं हो पाया है, जिससे शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने का खतरा मंडराने लगा है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कर नाला सफाई कार्य शुरू किया जाए, ताकि हर साल की तरह इस बार भी भिवंडी को बाढ़ जैसी समस्या का सामना न करना पड़े।

रिपोर्टर

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