उच्च शिक्षा अधिनियम-2026 के विरोध में शिक्षकों-कर्मचारियों का संयुक्त आंदोलन शुरू, एक माह तक चलेगा चरणबद्ध प्रदर्शन
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Aug 05, 2026
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काला बिल्ला, धरना, प्रदर्शन और छात्र-अभिभावक संवाद के माध्यम से सरकार के खिलाफ होगा चरणबद्ध आंदोलन
ब्यूरो चीफ प्रेम कुमार की रिपोर्ट
गयाजी---- बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 की स्वायत्तता के समर्थन तथा प्रस्तावित उच्च शिक्षा अधिनियम, 2026 के विरोध में राज्यभर के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने बुधवार से चरणबद्ध संयुक्त आंदोलन का बिगुल बजा दिया। यह आंदोलन 5 अगस्त से 5 सितंबर तक विभिन्न चरणों में संचालित किया जाएगा।
आंदोलन के प्रथम चरण में 5 से 8 अगस्त तक शिक्षक एवं कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद 10 अगस्त को बिहार के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी सामूहिक आकस्मिक अवकाश पर रहेंगे तथा संबंधित विश्वविद्यालय मुख्यालयों पर एकत्र होकर प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक, 2026 को वापस लेने की मांग को लेकर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन करेंगे।
आंदोलन के तीसरे चरण में 11 से 25 अगस्त तक सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में प्रतिदिन दोपहर 1:30 बजे से 2:00 बजे तक धरना दिया जाएगा। आंदोलन का समापन 5 सितंबर को छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों के साथ संवाद कार्यक्रम के साथ होगा। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
जगजीवन महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार, सचिव डॉ. संगीता कुमारी तथा संयुक्त सचिव डॉ. राजीव रंजन ने कहा कि वर्तमान समय में उच्च शिक्षा में बुनियादी सुधार की आवश्यकता है। नई शिक्षा नीति-2020 में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सरकारी निवेश बढ़ाने की बात कही गई है, लेकिन शिक्षा बजट में लगातार कटौती की जा रही है। उनका आरोप है कि सरकार सुधार के नाम पर उच्च शिक्षा की बुनियाद को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
जगजीवन महाविद्यालय शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार एवं सचिव जफर अली ने आंदोलन को हर हाल में सफल बनाने का संकल्प लेते हुए कहा कि कर्मचारियों के स्वाभिमान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
इस अवसर पर प्रो. रतिकांत दाश, प्रो. पूर्णेंदु कुमार, डॉ. अनुरानी, डॉ. मनीष कुमार सिंह, डॉ. संगीता कुमारी, डॉ. शिवकुमार रविदास, रवि रंजन, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. निरुपमा कुमारी, डॉ. नारायण कुमार, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. ऐजाज़ असलम सहित अनेक शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे और आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।


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