लाख करोड़ रुपए खर्च के बावजूद भी स्वच्छ भारत मिशन धरातल पर दिख रही शून्य
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Aug 05, 2026
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सफाई कर्मी की अभाव से कचरे का अंबार, तो ग्रामीण सड़कों से गुजरने पर, बीमारी का खतरा
घूटन से मौत की आशंका से नहीं किया जा सकता इंकार
संवाददाता सूचित पाण्डेय की रिपोर्ट
रामपुर, (कैमूर)--- सरकार द्वारा राष्ट्र में स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता हेतु लाख करोड़ रुपए खर्च करने के बावजूद भी धरातल पर शून्य दिख रही है। जगह जगह सफाई कर्मी न होने से कचरे का अंबार सड़न भरि हवाएं, तो निवास, नगर, टोला की समीप के सड़कों से गुजरने पर बिमारी की खतरा सहित घूटन से मौत की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
प्रखंड के खरेंदा गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सफाई कर्मी के अभाव में गांव की नालियों और सड़कों पर कचरा कई महीनों से पड़ा हुआ है, जिसे उठाने वाला कोई नहीं है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायत द्वारा नियुक्त सफाई कर्मी पिछले कई महीनों से ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। नतीजा ये हुआ कि मुख्य सड़क, मोहल्लों और स्कूल के पास कचरे के ढेर लग गए हैं। बदबू के कारण लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
वहीं प्रखंड क्षेत्र की निवास स्थल के समीप की सड़कों से गुजरने पर लोगों द्वारा शौच करने की वजह से बिमारी कि खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि मच्छर और मक्खियों की भरमार हो गई है। बच्चों और बुजुर्गों को उल्टी-दस्त और बुखार की शिकायतें भी शुरू हो गई हैं। बरसात के मौसम में जलजमाव के साथ कचरा सड़ने से डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। रामपुर स्वच्छता समन्वयक आलोक कुमार के द्वारा बताया गया कि खरेंदा पंचायत के वार्ड नंबर 1 और 2 में सफाई कर्मी नहीं होने की वजह से सफाई नहीं हो रही है बहुत जल्द सफाई कर्मी नियुक्त कर कार्य कराया जाएगा|


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