भयंकर तस्वीर ! अंबरनाथ से कई परिवार पैदल ही अपने गांव जाने के लिए हुआ मजबूर

भिवंडी ।। कोरोना वायरस के प्रभाव को रोकने के लिए राज्य सरकार ने पूरे राज्य में लाक डाउन कर धारा 144 लगा रखा हैं. जिसके कारण पूरा शहर का शहर ठप्प पड़ा हुआ हैं. दिहाडी मजदूरों को खाने के लाले पड़े हैं. रेल , बस ,ट्रक बंद होने के कारण मजबूर इन्हें अपने गांव पैदल ही जाना पड़ रहा हैं. ऐसा ही एक मंजर दोपहर बाद भिवंडी शहर में देखा गया. जिससे देखकर लोग हैरान रह गये हैं।

मिली जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के झबुआ जिला के लगभग 15 आदिवासी परिवार अंबरनाथ के झुग्गी झोपड़ियों में रहकर दिहाडी मजदूरी करके अपना परिवार पालता था. किन्तु कोरोना वायरस के कहर ने इनकी कमर तोड़ कर रख दी. इन्हें बेरोजगार बना दिया. दाने दाने के तरसने लगें. लाक डाउन में बस , ट्रेन , ट्रक बंद होने के कारण गाँव भी नहीं जा सकते थे.लगभग 15 परिवार एक साथ छोटे छोटे बच्चों को गोद में उठाकर कल्याण, भिवंडी ,वाडा , इंदौर के रास्ते मध्य प्रदेश जाने के लिए निकल पड़े. छोटे छोटे बच्चों के पैर में चप्पले तक नहीं थी. भिवंडी शहर में जब 15 परिवार एक साथ पहुँचा तो हाईवे पर तैनात भिवंडी पुलिस इन्हें खाना व पानी दिया. दोपहर बाद शहर के रास्ते वाडा के लिए निकल पड़े.वंजारपट्टी नाका पर पत्रकारों व समाजिक कार्यकर्ताओं की नजर इनके ऊपर पड़ी. इनकी कहानी सुनकर सब हैरान हो गये. सामजिक कार्यकर्ताओं तथा पत्रकारों ने तत्काल पानी व बिस्कुट लाकर इन्हें दिया गया ।
     
इन्हीं में एक बासुरी राम ने बताया कि हम सब अंबरनाथ में रहकर दिहाडी मजदूरी करते थे. किन्तु कोरोना वायरस के कारण सरकार ने लाक डाउन कर दिया हैं जिसके कारण काम ठप्प पड़ गया. हम लोगों के पास राशन खरीदने के लिए पैसा नहीं था. जिसके कारण हम सब पैदल ही गांव जा रहे है. रास्ते में जो भी कोई कुछ दे देता हैं वही खाकर फिर पैदल ही निकल पड़ते हैं।

रिपोर्टर

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