आखिरकार कितनी मौते के बाद जागेगा पालिका प्रशासन

सड़कों खस्ताहाल, रोज हो रहे एक्सीडेंट

घटिया सामग्री इस्तेमाल कर की जाती है सड़कों की मरम्मत

इंजिनियरों को नाली - सड़क बनाने की अक़ल नहीं

भिवंडी।  भिवंडी महानगर पालिका के अधिकांश सड़कें खस्ताहाल है। बारिश के कारण बड़े बड़े गड्डे है। आरसीसी कंक्रीट रोड व पेवर ब्लाक की जोड़ में गेप होने के कारण दररोज एक्सीडेंट हो रहे है। आधी सड़क पर लगे पेवर ब्लाक जमीन में धंस चुके हैं। पिछले एक साल में हुए एक्सीडेंट में लगभग 100 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। इसके बावजूद पालिका प्रशासन आंखें बंद कर सोया है। कयास लगाया जा रहा था कि प्रशासक राज में सड़क निर्माण व मरम्मत में भष्ट्राचार नहीं होगा,सड़के अच्छी बनेगी किन्तु इसका उलटा हुआ है। शहर के चारों उड़ान पुलों पर बड़े बड़े गड्ढे है। बरसाती पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से उड़ान पुल छोटे तालाब में परिवर्तित हो जाते है। लोगों का मानना है की पालिका इंजिनियरों को नाली सड़क निर्माण व मरम्मत का ज्ञान नहीं है। शहर के मुख्य सड़क कल्याण रोड़, नदी नाका से अंजूर फाटा रोड़,वंजारपट्टी नाका से चांविद्रा रोड,पुराना ठाणा रोड़ पर रोज एक्सीडेंट हो रहे हैं। यहां के सड़कें पूरी तहत से जानलेवा साबित हो रही है। यातायात विभाग की लापरवाही से चौबीस घंटे बड़े बड़े वाहनों का आवागमन बना रहता है। पुलिस ड्राइवरों से चंद रूपये लेकर ऐसे वाहनों को शहर में प्रवेश कर देते है। जिसके कारण एक्सीडेंट के मामलों में वृद्धि हुई है। पालिका प्रशासन के भष्ट्र कार्यभार के कारण सड़क मरम्मत में भारी भ्रष्टाचार किया जाता रहा है। मरम्मत हुई सड़कें कुछ ही दिनों में अपनी पुरानी हालात में वापस आ जाती है सड़कें पर सिर्फ कंक्रीट बच जाती है डामर कहां चला जाता है। इसका पता नहीं चलता है।  

पालिका के इंजिनियरों को सड़क व नाली बनाने की अक़ल नहीं है। जिसका ठेकेदार जम कर फायदा उठाते है। नालियों का निर्माण सही तरीके से नहीं होने से पानी की निकासी नहीं हो पाती है। सड़कें की ढाल किस तरफ होता है। इंजिनियरों को इसका ज्ञान भी नहीं है। लोगों का मामना है कि आखिरकार पालिका प्रशासन कितने और मौते के बाद जागेंगा।

रिपोर्टर

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