भिवंडी पालिका का घोटाला: टेंडर प्रक्रिया से पहले ही पूरा हुआ काम !

विद्युत विभाग में बड़े भ्रष्टाचार का पर्दाफाश, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

भिवंडी। भिवंडी निज़ामपुर शहर महानगर पालिका में भ्रष्टाचार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हाल ही में विद्युत विभाग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही ठेकेदार ने लाइट फिटिंग का काम पूरा कर दिया। इस घोटाले में पालिका अधिकारियों की मिलीभगत होने का आरोप लग रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई होती नहीं दिख रही।

100 दिवस कृती आराखडा के तहत हुआ खेल :::::

पालिका के विद्युत विभाग ने नवीन प्रशासकीय इमारत के तल मंजिल से छठी मंजिल तक पॅसेज, शौचालय और सीढ़ियों के लाइट फिटिंग बदलने के लिए दो अलग-अलग कोटेशन नोटिस जारी किए थे:

1) कोटेशन नोटिस नंबर 36:  2,93,740 रूपये।

2) कोटेशन नोटिस नंबर 37:   2,20,305 रूपये।

 कुल राशि: 5,14,045 रूपये 

ये दोनों कोटेशन नोटिस 28 मार्च 2025 को जारी किए गए, और ठेकेदारों को 3 अप्रैल 2025 तक कोटेशन भरने के लिए कहा गया था। लेकिन भ्रष्टाचार की हद तो तब हो गई जब ठेकेदार ने टेंडर की समय सीमा समाप्त होने से पहले ही 29 मार्च से काम शुरू कर दिया और 3 अप्रैल से पहले ही काम पूरा भी कर दिया।

अधिकारियों की मिलीभगत से खेला गया खेल ? :::::

आरोप है कि प्रभारी कार्यकारी अभियंता सिद्दीक काजी ने अपने करीबी ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए कोटेशन की प्रक्रिया को धता बताते हुए काम पहले ही शुरू करवा दिया। यही नहीं, एक ही काम के लिए दो अलग-अलग कोटेशन जारी करना भी ठेकेदार को फायदा पहुंचाने और कमीशन खाने की साजिश मानी जा रही है।

प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल ::

पालिका आयुक्त एवं प्रशासक अनमोल सागर (IAS) और दो-दो अतिरिक्त आयुक्तों की मौजूदगी के बावजूद इस तरह का भ्रष्टाचार होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। शहर के जागरूक नागरिकों ने इस घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस भ्रष्टाचार पर क्या कदम उठाता है, या फिर अन्य घोटालों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

रिपोर्टर

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