भूकंप ग्रस्त ईलाके का जिलाधिकारी ने किया दौरा,एनडीआरएफ की टीम द्वारा तंबू तैयार, प्रशासन सुसज्ज

पालघर ।। जिले के दो तालुकाओं क्रमशः दहाणु एवं तलासरी में आ रहे कुछ महिनों से रूक-रूक कर भूकंप के कारण जहाँ आम आदमी डर से रातदिन गुजार रहे है।वहीं जिला प्रशासन हर खतरे से निपटने हेतु फिलहाल पूणे से पहुंची एनडीआरएफ की टीम को लगा दिया है। जो प्रभावित ईलाकों में भुकंपरोधी तंबू का निर्माण स्थानीय ग्रामपंचायतों के माध्यम से 200तंबू का निर्माण कर रहे है जिसमें 70 से 80 परिवार के लोगों को शरण मिल सकती है। लोगों से अफवाहों से परहेज़ करने की गुजारिश भी की जा रही है।

ज्ञात रहे भूगर्भ वैज्ञानिकों के मुताबिक यंत्रों से की गयी सर्वेक्षण में दहाणु के 15 और तलासरी के 7 गाँव भूकंप के चपेटे में है। भूकंप जाँच टीम नेशनल जिओग्राफीकल रिर्सच इंस्टीट्यूट हैदराबाद एवं दिल्ली से पहुंची टीम ने तीन जगहों पर जांच रिपोर्ट शासन को सौपी है। जिले के रेवेन्यू,स्वास्थ्य,पुलिस, सार्वजनिक पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों समेत तीन एम्बुलेंस को सहयोग हेतु प्रशासन की ओर से सर्तक करते हुए लगाया गया है। 

पालघर जिलाधिकारी डाँ. प्रशांत नरनावरे ने स्वयं संभावित ठिकानों का दौरा करते हुए स्थानिकों से शासन से की जा रही सुरक्षा इ़ंताजामात एवं परेशानियों का हालचाल लिया है। वहीं अणु उर्जा प्रकंल्प से किसी भी खतरा होने के बात से साफ शब्दों में इंकार किया है।

जिलाधिकारी ने शनिवार रोज प्रभावित इलाकों का दौरा करते हुए भूकंप को लेकर जनजागृति अभियान चलाने,गाँवों म़े विशेष ग्रामसभा, कालेजों में छात्रों को प्रशिक्षण देने के साथ ही बिजली के खंभों को सही करने,आंगनबाड़ी सेविकाओं, आशा सेविका को प्रशिक्षण देने की बात संबंधित लोगों से कहीं है। इसके लिए सरपंच उपसरपंच ग्रामसेवक, तलाठी सार्वजनिक वितरण विभाग के लोगों को जनजागृति करने का आह्वान किया है। जिससें लोगों के मन से भय दूर रहे। 

जिलाधिकारी पालघर ने कुर्झे धरण,तारापुर के अणु उर्जा प्रकंल्प, रिलायंस प्रकंल्प का भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से निरीक्षण कर स्थानीय अधिकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि उनका सयंत्र भूकंपरोधी है। इससे किसी भी तरह का खतरा होने का लैस मात्र गुंजाइश नही है।

रिपोर्टर

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