अगरबत्ती व धुप बनाने में रसायन का प्रयोग, कृषि अधिकारी ने मारा छापा।

सुगंधित अगरबत्ती एवं धूप में प्रयोग किया जा रहा है अत्यधिक घातक प्रतिबंधित रसायन। 
 भिवंडी ।विभिन्न प्रकार के फ्लेवर वाली सुगंधित अगरबत्तियां एवं धूप में अत्यधिक घातक प्रतिबंधित रसायन का प्रयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है जिसका उपयोग कृषि कार्य के लिए भी प्रतिबंधित किया गया है। ऐसे अत्यधिक घातक प्रतिबंधित रसायन के अगरबत्तियों में प्रयोग किए जाने की जानकारी मिलने पर कृषि अधिआरी ने घरेलू कीटाणुनाशक नियंत्रण संघ की सहायता से भिवंडी के काल्हेर स्थित अगरबत्ती बनाने वाले एक कारखाने में छापा मारकर भारी संख्या में अगरबत्ती एवं घातक प्रतिबंधित रसायन बरामद किया है। 
  ज्ञात हो कि सुगंधित अगरबत्ती एवं धूप आदि सहित मच्छर अगरबत्ती आदि बनाने के लिए अत्यधिक घातक प्रतिबंधित रसायन का उपयोग किया जाता है जिसके लिए कच्चा माल सीधे चीन से आयात करके काल्हेर स्थित डिवाइन फ्राग्रंसेस नामक कारखाने में रासायनिक पदार्थ की पैकिंग करके विभिन्न नाम से उसकी विक्री की जा रही है। यह घातक रसायन कृषि क्षेत्र के उपयोग के लिए है जो स्वास्थ्य के लिए घातक भी है। कृषि में उसके अधिक उपयोग से त्वचा रोग ,आंख की बीमारी सहित विभिन्न घातक बीमारियां होने की संभावना हैै। कृषि कार्य में इसका उपयोग करने से कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। उसका उपयोग अगरबत्ती बनाने के लिए किया जाता है लेकिन उसके लिए किसी प्रकार की अनुमित नही ली गई है। जिसकारण कृषि अधिकारी एवं घरेलू कीटाणुनाशक नियंत्रण संघ [ Home Insect Control Association [ HICA ] की सहायता से छापा मारकर भारी मात्रा में घातक रासायनिक पदार्थ बरामद किया है। HICA के संचालक जयंत देशपांडे ने बताया कि जिसका नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज दिया गया है वहीं कृषि विभाग के अधिकारियों ने इसके बारे में और जानकारी देने से इंकार कर दिया है। 

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