हाइवे पर बने ढाबों पर अबैध रूप से शराब की बिक्री ।

हाइवे पर बने ढाबों पर अबैध रूप से शराब की बिक्री ।

उत्पादन शुल्क विभाग व पुलिस प्रशासन लापरवाह।
कोन गाँव पुलिस ने छापामार किया अबैध शराब जब्त ।
भिवंडी। संवाददाता। भिवंडी शहर व ग्रामीण परिसर में पुलिस प्रशासन व उत्पादन शुल्क विभागीय अधिकारियों के लापरवाह कार्यभार व भष्ट्र रवैया से हाइवे पर खुलेआम शराब की बिक्री होने से राज्य सरकार के करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा हैं. हाइवे पर बनें ढाबों पर दर रोज शराब पीने वालों का मेला लगता हैं. जिसके कारण आये दिन दुर्घटनाओं में भी इजाफा हुआ हैं. सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार राज्य सरकारों ने हाइवे से पांच सौं मीटर अंदर शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगा रखा हैं किन्तु पुलिस तथा राज्य उत्पादन शुल्क अधिकारियों के भष्ट्राचार के कारण ढाबा मालिकों ने शराब माफिया का स्वरूप धारणकर खुल्लम खुल्ला दर रोज शराब की बिक्री कर रहे हैं. जिसके कारण शहर तथा आसपास ग्रामीण भागों में ढाबो तथा चाइनीज़ गाड़ियों की बाढ़ आ गयी हैं शाम ढ़लते ही यहाँ शराब पीने वालों की भीड़ लग‌ रही हैं. 
         कोन गाँव पुलिस स्टेशन को सुचना मिली थी कि कल्याण भिवंडी रोड पर टोल नाका के पास जय मल्हार ढाबा पर बिना अनुमति से शराब की बिक्री की जा रही हैं जिसकी शिकायत मिलने पर कोन गांव पुलिस ने जय मल्हार ढाबा पर छापामार कर २० हजार ५८० रुपए कीमत के विभिन्न कंपनियों के शराब जब्त कर ढाबा मालिक हरीश शिवेया पुजारी (४५) नवीं मुंबई निवासी के खिलाफ गुनाह दाखल किया हैं. किन्तु इसी मार्ग तथा आस पास परिसर में ढाबों पर आज भी खुले आम दर रोज शराब की बिक्री हो रही हैं. जिसके कारण कोन गाँव पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने के कारण अंगुलियाँ उठ रही हैं.
            भिवंडी शहर तथा आस पास ग्रामीण परिसर के हाइवे पर सैकड़ों ढाबा हैं इन ढाबों पर रात दिन शराब की बिक्री दर रोज हो रही हैं. भिवंडी वाडा हाइवे पर ४५ ढाबा , भिवंडी वंजारपट्टी नाका नाशिक रोड पर ५४ ढाबा , राजनोली नाका से नासिक रोड पर ३५ ढाबा ,अंजूर फाटा से कापुरवाडी रोड पर ५५ ढाबा ,नदीनाका पारोल फाटा रोड पर १५ ढाबा , अंजूर फाटा से वसाई रोड पर ४० ढाबा  व भिवंडी कल्याण रोड पर १५ ढाबा आदि विभिन्न रोड़ो पर सैकड़ों ढाबा हैं । इन ढाबा मालिकों ने राज्य उत्पादन शुल्क तथा स्थानीय पुलिस अधिकारियों  से सांठगाठ कर अबैध रुप से ढाबा चलाकर ढाबों पर शराब की बिक्री की जा रहा हैं. ढाबों पर खुले आम शराब की बिक्री होने के कारण राज्य उत्पादन शुल्क के करोड़ों रुपए का दर रोज नुकसान हो रहा हैं

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