
नियम कानून को ताकपर रखकर अवैध रूप से चलाई जा रही आशापुरा यार्न डांईग कम्पनी
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Mar 05, 2020
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रिश्वतखोर मनपा के कर्मचारी व एमपीसीबी के अधिकारी दें रहे संरक्षण
परिसर में प्रदूषण का स्तर खतरनाक
भिवंडी ।। भिवंडी पावरलूम नगरी में अनेकों धागा यार्न डांईग कंपनियाँ बेकायदेनुसार चलाई जा रहा हैं.इन यार्न डांईग कंपनियों में घातक व जानलेवा रसायन तथा केमिकल के प्रयोग से अनेकों बीमारियां मुंह फाड़े खड़ी रहती हैं जिस परिसर में यार्न डांईग कंपनियां चलाई जाती हैं उस परिसर में एक अलग प्रकार का वातावरण होता हैं इस परिसर में सांस लेने पर रसायन की बदबू आती हैं. स्वस्थ व्यक्ति एक घंटा भी ऐसे वातावरण में व्यतीत कर लेता हैं तो उसे सांस लेने में दिक्कत आने लगती हैं.ऐसे कंपनियां पर कार्रवाई करने हेतु महाराष्ट्र शासन ने आदेश जारी किया हैं.भिवंडी के खोखा कंपाउड परिसर में भगवान झा नामक व्यक्ति छुटभैय्या नेताओं तथा रिश्वतखोर अधिकारियों से सांठगांठ कर ऐसे ही आशापुरा यार्न डाईग नामक कंपनी चलाऐ जाने का मामला प्रकाश में आया हैं.स्थानीय निवासियों ने इस कंपनी को बंद करने हेतु अनेकों बार कल्याण तथा सायन स्थित महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से शिकायतें की हैं इसके साथ ही भिवंडी मनपा आयुक्त डाँ. प्रवीण आष्टीकर व संबंधित पर्यावरण विभाग से भी गुहार लगा चुके हैं. किन्तु माया के जाल में फंसे रिश्वत खोर अधिकारी डांईग कंपनियों के मालक को शिकायतों की जानकारी देकर मोटी रकम लेकर कार्रवाई करने में आनाकानी करते हैं. जिसके कारण शिकायतकर्ताऔ की आवाज दबी की दबी रह जाती हैं. ऐसे कंपनियों में बड़े स्तर पर मीठा व साफ पानी का इस्तेमाल होता हैं. जिसकी सप्लाई पानी माफिया पुठारी नेताओं द्वारा किया जाता हैं जिसमें उन्हें पानी के बदले मोटी रकम मिल जाती हैं.जिस कारण डांईग संबंधित कोई भी शिकायत आने के बाद देख लूंगा, भाषा का इस्तेमाल करते हैं। कंपनी में धागा कलर करने के बाद निकला रसायन युक्त पानी को फिल्टर नही करते हुए सीधे छोटे नालों में छोड़ दिया जाता हैं जिसके कारण पूरे परिसर में मलेरिया ,डेंगू , टाईडफाइड जैसे जानलेवा घातक मच्छरों की पैदावार होती हैं इनके काटने से अनेक बीमारियां फेलती हैं इसके साथ ही सांस संबंधित बीमारियां के जन्मदाता के रूप में ऐसे कंपनियों की पहचान होती हैं जिसके कारण टीबी ,दमा ,आस्थामा ,ह्रदय रोग जैसी अनेक बीमारियां मनुष्यों के शरीर में फैलती हैं.खोखा कंपाउड में अबैध रूप से चल रही आशापुरा डांईग यार्न कंपनी के कारण लगभग 90 प्रतिशत लोग टीबी जैसे घातक बीमारियां से ग्रस्त हैं किन्तु इस परिसर में काम करने वाले बाहरी मजदूर होने के कारण इसका खुलासा नहीं हो पाता. मजदूरों के स्वस्थ अधिक बिगड़ती देकर मजदूर अपने अपने गांव पलायन कर जाते है. जहां पर उन्हें लंबे समय तक उपचार करना पड़ता हैं ।
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