
वाराणसी के इस गांव में मौत के गड्ढों से रोज़ गुज़रते हैं हज़ारों ग्रामीण
- Hindi Samaachar
- Aug 01, 2018
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मामला है वाराणसी जनपद के शिवपुर स्थित वार्ड नं0 10 तरना बाजार का
बनारस। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र से सटे और वाराणसी जनपदीय क्षेत्र के वाराणसी –जौनपुर मुख्य मार्ग से कटे एक संपर्क मार्ग की दुर्दशा कुछ ऐसी है कि इस रस्ते से जाने वाले लोग मौत के मुह से होकर गुज़र रहे हैं। स्थनीय लोग इसके लिए कई बार प्रशासन से मिले पर मामला वही ढाक के तीन पात। बारिश शुरू होने के बाद इसकी स्थित भयावह हो चुकी है। गांव के लोग बाज़ार जाने में भी कतराने लगे हैं सबसे ज़्यदा दिक्कत स्कूल जाने वाले छात्रों को। ग्रामीणों ने इस सड़क को बनवाने के लिए सरकार को चेतावनी दी है यदि सड़क नहीं बानी तो आगामी चुनावों का बहिष्कार किया जायेगा।
प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के शिवपुर थानाक्षेत्र के तरना बाजार स्थित चमाव गेट के मार्ग से निकली 200 मीटर लंबी चमाव कोईरान व तरना गाव वाया चमाव गेट मार्ग की राह में बड़े-बड़े गड्ढे मिट्टी कीचड़ से क्षेत्र के चार ग्राम पंचायत के लोग काफी परेशान है। ग्रामीण मिट्टी का सड़क को छोड़कर दूसरे सड़कों का सहारा ले रहे हैं।
तरना बाजार के डॉ0 शिब्बू श्रीवास्तव ने बताया कि जब गांव में कोई रिश्तेदार या परिचित लोगों से मिलने जा रहा है तो ग्रामीणों को शर्मसार होना पड़ रहा है। हरहुआ ब्लॉक के ग्राम पंचायत जंसा, लहरतारा,कोरौत,चमाव पश्चिमपुर,कोईरान,अहिरान,भवानीपुर,केवली भतसार गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क इन दिनों सैकड़ों गड्ढों व कीचड़ की भेंट चढ़ी हुई है जिससे वाहन तो दूर पैदल भी यात्रा करना मुश्किल हुआ है। इन रास्तों में आधा दर्जन से अधिक सरकारी गैर सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राएं व अध्यापकों के आना जाना लगा रहता है। क्षेत्र के लिए शहर बाजार आने के लिए मात्र एक ही रास्ता है जिससे लोगों को आना जाना पड़ता है।स्थानीय तरना सभासद सन्दीप त्रिपाठी से मामले की शिकायत व मिट्टी की सड़क दुर्दसा के बारे में क्षेत्रीय सम्मानित नागरिको ने शिकायत किया तो तरना वार्ड के सभासद सन्दीप त्रिपाठी ने बताया कि नगर निगम में आजकल सब बजट खत्म हो गया है और ईट पत्थर की भी सुबिधा नही मिल पा रही है,इस समय किसी प्रकार की सुविधा मेरे सभासदी कोटे से नही कराया जा सकता जबकि जिस दलदल मार्ग पर मात्र 2 या 3ट्राली मिट्टी या राबिस फेक दी जाती तो हजारों की तादात में सुबह ही सुबह आने जाने वाले स्कूली बच्चे व छात्राये इस दलदल मार्ग से निजात पाते हुए आराम से स्कूल आ जा सकती है,
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