प्रभाग समिति क्रमांक 04 अंर्तगत एक दर्जन इमारतों का अवैध निर्माणकार्य शुरू। कार्रवाई शून्य, भष्ट्राचार चरम पर !

भिवंडी।। भिवंडी शहर महानगर पालिका के प्रभाग समिति क्र- 04 सीमा अंर्तगत लगभग एक दर्जन अवैध इमारतों का निर्माण कार्य जारी है.इस प्रभाग में क्लर्क से बने बिल्डिंग इंस्पेक्टर महेन्द्र जाधव अवैध निर्माण पर क्या कार्रवाई होती है शायद इन्हें इसकी जानकारी नहीं है.जिसके कारण तेली पाडा, कनेरी, नाला पार,आजमी नगर, गौरीपाडा, भंडारी कंपाउंड, नारपोली, बहत्तरगाला आदि क्षेत्रों में दनदनादन अवैध इमारतों का निर्माण कार्य शुरू है.सुत्रों की माने तो अवैध बिल्डिंग बनाने वाले बिल्डरो ने बिल्डिंग इंस्पेक्टर महेन्द्र जाधव से बड़ी सांठगांठ कर ली है जिसके कारण बिल्डिंग इंस्पेक्टर जाधव निर्माणाधीन अवैध इमारत को तोड़ देने के लिए इमारत पर सिर्फ नोटिस छिपका देते है. इस खेल में ऊपर के अधिकारियों की मिली भगत होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। बतादें कि शहर विकास विभाग में बिल्डिंग इंस्पेक्टर का पद डिप्लोमा धारक कर्मचारियों के लिए है.किन्तु आश्चर्य की बात यह कि मनपा के आस्थापना विभाग प्रमुख प्रीतम पाटिल व उपायुक्त (मुख्यालय) गोडसे ने गत माह क्लर्क महेन्द्र जाधव को बिल्डिंग इंस्पेक्टर तथा इसी प्रभाग में कार्यरत रोड़ कामगार आमूल वारगडे को सहायक बिल्डिंग इंस्पेक्टर पद पर नियुक्त कर दिया है इनकी नियुक्ति होने से मुख्यालय सहित सभी प्रभाग कार्यालयों में जोरशोर से चर्चा का विषय बना हुआ था। सुत्रों की माने तो सहायक बिल्डिंग इंस्पेक्टर पद की कार्यरत कर्मचारी आमूल वारगडे की कार्यशैली हमेशा विवादास्पद रहा है.लगभग एक दशक से ज्यादा इसी प्रभाग में कार्यरत होने के कारण पूर्व में भी इन्हें सहायक बिल्डिंग इंस्पेक्टर पद पर नियुक्त किया गया.उस समय इन पर भारी भष्ट्राचार करने तथा बिल्डर व ड्रांइग कंपनियों से वसूली करने के कई आरोप लगे थें.जिसके कारण तत्कालीन आयुक्त योगेश म्हसे के आदेशानुसार आस्थापना विभाग प्रमुख ने इनका ट्रांसफर प्रभाग समिति क्रमांक 03 में कर दिया था। ट्रांसफर होने के बाद अमूल वारगडे लंबी छूटी पर चले गये थे.इसी दरमियान प्रदेश मंत्रालय तथा दिल्ली मंत्रालय में इनकी अच्छी पकड़ होने के कारण तथा कई विधायकों के फोन आने के बाद इनकी पुनः नियुक्ति प्रभाग समिति क्रमांक 04 में कर दी गयी थी इस प्रकार की चर्चा उस समय मनपा गलियारे में खूब चली थी. प्रभाग समिति चार अंर्तगत सबसे ज्यादा अवैध निर्माण होता रहा है परन्तु आश्चर्य की बात है शहर विकास विभाग में बिल्डिंग इंस्पेक्टर के पद पर क्लर्क तथा रोड़ काम की नियुक्ति कर मनपा प्रशासन क्या दर्शाना चाहती है ? क्या प्रशासन में बैठे उच्च अधिकारी ही अवैध निर्माण को बढ़ावा देने में जुटे हुए है। मनपा के आस्थापना विभाग के जानकारों का मानना है कि भिवंडी मनपा में बिल्डिंग इंस्पेक्टर डिप्लोमा धारक लगभग आधा दर्जन कर्मचारी कार्यरत हैं यही नहीं इनकी नियुक्ति भी उसी पद के लिए किया गया है.किन्तु प्रभाग समितियों में बिल्डिंग इंस्पेक्टर का पद न देते इन्हें विभिन्न विभागों में विभाग प्रमुख का पद देकर प्रभारी अधिकारी बना दिया गया है और उनके मूल पद पर क्लर्क कर्मचारियों को प्रभारी चार्ज देकर नियुक्ति कर दी गयी है। सूत्रों की माने तो बड़े अधिकारी ही अवैध निर्माण से वसूली करवाने के लिए विभिन्न प्रभागों में डिप्लोमा धारक बिल्डिंग इंस्पेक्टर कर्मचारियों को उनके मूल पद पर नियुक्ति ना करते हुए उनके स्थान पर क्लर्क व सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति करवाया है.ऐसे कर्मचारियों से हो रहे अवैध निर्माणो से वसूली करवाने का ठेका दें दिया जाता है.इसमें जनप्रतिनियों का मिलीभगत होने से इनकार भी नहीं किया जा सकता है।

एकता हॉस्पिटल के पीछे तेली पाडा में निर्माणाधीन अवैध सात मंजिला इमारत पर कार्रवाई नहीं :
इस प्रभाग के तेली पाडा स्थित एकता हॉस्पिटल के पीछे गल्ली में मेहमूद उबेदुल्ला मोमिन द्वारा सात मंजिला की अवैध इमारत बनाने का काम शुरू किया गया है.जिसका चार मंजिला अर्थात् पांच स्लैब का काम भी पूरा हो चुका है.किन्तु आश्चर्य की बात यह कि क्लर्क से बने बिल्डिंग इंस्पेक्टर इमारत पर नोटिस चिपका कर खामोश बने हुए है‌ इस अवैध इमारत का पांच मंजिल का काम पूरा होने के बाद भी इसे अभी तक निर्णय देकर अवैध घोषित ‌नही किया है अथवा भारी आर्थिक लेने देन होने से बिल्डर व ज़मीन मालिक को फायदा पहुँचाने के लिए उनके खिलाफ महाराष्ट्र महानगर पालिका अधिनियम 1949 तथा प्रादेशिक नगर रचना अधिनियम 1966 के कलम 52 तहत स्थानीय पुलिस थाना में फौजदारी के तहत मामला भी दर्ज नहीं करवाया गया. इस अवैध इमारत पर कार्रवाई नहीं होते देख कई नागरिकों से इसमें मकान तथा दुकानें भी बुक करवाया है अगर मनपा प्रशासन देर सबेर इस इमारत को अवैध घोषित कर तोड़क कार्रवाई करेगी. तो गरीब नागरिकों का भरपाई कौन करेगा। इस प्रकार का सवाल दक्ष नागरिक उठा रहे है।

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