भिवंडी में गैर कानूनी तरीके से चलाऐ जा रहे सोशल न्युज चैनल फैला रहे है धार्मिक व सामाजिक उन्माद !

भिवंडी।। भिवंडी शहर में यूट्यूब साइट पर गैर कानूनी तरीके से चलाऐ जा रहे सोशल न्युज चैनलों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। ऐसे न्युज चैनलों के स्वयं घोषित पत्रकार अपने अपने यूज़र्स की संख्या बढ़ाने के लिए जनप्रतिनिधों के आपसी विरोध को दशार्ने, भड़ास निकालने, विरोधियों को हानि पहुंचाने, धार्मिक व सामाजिक उन्माद व हिंसा फैलाने जैसे विडियो बनाकर उसे न्युज का नाम देते हुए शेयर व फाॅरवर्ड किये जा रहे है। जिसके कारण शहर की शांति व्यवस्था व सामाजिक माहौल बिगड़ने से इनकार नहीं किया जा सकता है। अगर जल्द ऐसे यूट्यूबर न्युज चैनलों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले महानगर पालिका चुनाव तक शहर की शांति व्यवस्था को बचाया नहीं जा सकता है। 

बतादें कि सोशल नेटवर्किंग पर कुछ फर्जी न्युज चैनल चलाने वाले स्वयं घोषित पत्रकार धार्मिक व सामाजिक उन्माद फैलने के लिए राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधो का डिबेट, उनके वक्तव्य का प्रतिद्वंद्वियों द्वारा खुलासा के विडियो बनाकर उसे न्युज व खबर का नाम देकर वाट्शाप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और फेसबुक लाइव कर शेयर व फारवर्ड किया जा रहा है। जिसके कारण चुनाव आने के पूर्व शहर का माहौल चुनावी मोड़ में चुका है। एक दूसरे के प्रतिद्वंद्वी इन्हीं सोशल न्युज चैनलों पर एक दूसरे के ऊपर कीचड़ उछालना शुरू कर दिया है। इसके बदले में स्वयं घोषित पत्रकारों की कुछ मानधन जरूर मिल जाता है। मानधन की लालच में ऐसे स्वयं घोषित पत्रकार अनाप - सनाप विडियो बनाकर उसे अलग अलग फर्जी न्युज का नाम देकर शहर के वाट्शाप ग्रुपों में शेयर व पोस्ट कर रहे है। 
         
भिवंडी शहर में लगभग दो दर्जन से ज्यादा ऐसे फर्जी न्युज चैनल चलाऐ जा रहे है। मजे की बात यह कि भिवंडी पुलिस भी ऐसे स्वयं घोषित पत्रकारों व सोशल मीडिया के प्रतिनिधियों को पत्रकार परिषदों में बुलाकर साक्षात्कार, अपराधियों की धरपकड़ की न्युज देकर सोशल मीडिया पर अपनी वाहवाही लूट रही है। या यूं कहे की शहर की शांति व्यवस्था को खराब करने वाले ऐसे सोशल मीडिया के पत्रकारों को बढ़ावा अथवा संरक्षण कर रही है। कुछ दिनों पहले एक प्राइवेट स्कूल की महिला अध्यापकों का विडियो वायरल हुआ था। जिसे धार्मिक भावनाएँ का रंग देकर कुछ सोशल न्युज चैनलों पर खुब शेयर व पोस्ट किया गया। जिसके कारण शहर की शांति व्यवस्था खराब करने की कोशिश की गयी। समय रहते ऐसे फर्जी न्युज चैनलों पर लगाम नहीं लगाया गया तो शहर की शांति व्यवस्था खराब होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। 

रिपोर्टर

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