यूट्यूबर के फर्जी पत्रकार बनाम पत्रकार परिषद

जोड़ी बनाकर उम्मीदवारों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास

◾नाबालिग व अनपढ़ भी बने स्वयं घोषित पत्रकर

◾ अली बाबा चालीस चोरो का गिरोह भी सक्रिय

◾बैसाखी को लेकर पहुँच रहे है मोबाइल धारक स्वयं घोषित पत्रकार

भिवंडी।  भिवंडी लोकसभा सभा निर्वाचन क्षेत्र में स्वयं घोषित, मोबाइल धारक पत्रकारों की संख्या सैकड़ा पार कर चुकी है। इसमें तो आधे ऐसे है जिन्हें अपने शहर का नाम तक लिखने नहीं आता है। कुछ नाबालिग युवक भी इस पेशे में आ चुके है। कुछ तो अली बाबा चालीस चोरों की गिरोह बनाकर मधुमक्खियों की झुंड की तरह उम्मीदवारों के यहां पहुँच रहे है।‌ इसमें बैसाखी और जोड़ी वालो का भी समावेश होता है। यही नहीं बंद अखबार का प्रेस आई कार्ड बनाकर कुछ लोग भाड़े पर आदमियों को लगाकर रखा है। भाड़े पर का काम करने वाले पहले गोदामों व पॉवर लूम कारखाने में काम करते थे। इसमें से कु़छ मुर्गी काटने, मटका जुआर के राईटर्स, चरस गांजा विक्रेता, लोहा पीटने जैसे कार्य किया किया करते थे। ऐसे लोग स्वयं घोषित पत्रकार बनकर उम्मीदवारों के यहां दिन रात चक्कर काट रहे है। यूट्यूब पर न्युज जैसा विडियो बनाकर अपलोड करने, स्वयं घोषित पत्रकार की संख्या 100 से 150 तक पहुँचने से उम्मीदवार भी पत्रकार परिषद करने से घबराना शुरू कर दिया है।

भिवंडी चुनाव निर्णय अधिकारी व जनसंपर्क अधिकारी भी ऐसे ही स्वयं  घोषित पत्रकारों को अपने सोशल मीडिया निर्वाचन ग्रुप में जोड़ कर रखा है। शासन निर्णय नुसार ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय इन्हें बुलाकर अपना उल्लू सीधा करने में जुटे है। सुत्रों की माने कई सोशल मीडिया अथवा युटुब पर फर्जी न्युज चलाने वाले स्वयं घोषित पत्रकार ठाणे के जिला माहिती कार्यालय में 23 लोकसभा सीट पर वोटिंग के दिन और मतों की गिनती करने वाले स्थलों पर प्रवेश पाने के लिए आवेदन भी किया है। ऐसे युटुबर, स्वयं घोषित पत्रकारों‌ द्वारा गड़बड़ी करने से इनकार नहीं जा सकता है। इनके प्रवेश वाले आवेदनों की जानकारी भिवंडी चुनाव निर्माण अधिकारी व जनसंपर्क अधिकारी के पास क्या नहीं है। ? इस प्रकार का सवाल उत्पन्न करता है। 

गत दिनों एक ऐसे नेता के यहां आयोजित पत्रकार परिषद का मैसेज सोशल मीडिया के वाट्शाप पर वायरल हो गया। जिसके कारण लगभग 150 यूट्यूबर स्वयं घोषित पत्रकार नेता के यहां पहुँच गये। कुछ तो दरवाजा पकड़ कर खड़े थे और कुछ अंदर बाहर चक्कर काट रहे थे। पत्रकारों के गिरते स्तर के कारण प्रतिष्ठित पत्रकार नेताओ के पत्रकार परिषद,रैलियां,कार्यक्रमों से दरकिनारा कर लिये है। कई पत्रकार संगठनों ने ऐसे फर्जी पत्रकारों की जांच कर कार्रवाई करने की मांग पूर्व काल में भिवंडी प्रांत अधिकारी व भिवंडी पुलिस उपायुक्त को निवेदन देकर कर चुके है। इसके बावजूद ऐसे स्वयं घोषित पत्रामकरों पर कार्रवाई नही की गई।

रिपोर्टर

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