भीषण गर्मी में पानी नहीं मिलने से सूख रहे है पेड़

पालिका का उद्यान विभाग है बेखबर

भिवंडी।  भिवंडी पालिका प्रशासन द्वारा हरित क्रांति व पर्यावरण बचाने के नाम पर प्रत्येक वर्ष लाखों की संख्या में वृक्ष रोपड़ करती रही है। किन्तु इन वृक्षों की सही देखकर व गर्मी में पानी नहीं मिलने से सूख रहे है। जिसे लेकर पालिका का उद्यान विभाग बेखबर है। पालिका के स्वामित्व वाले कई गार्डेन व उद्यान आज वंजर भूमि में परिवर्तित हो चुके है। चारों तरफ वीरान नजर आता है। घास का तो नमोनिशान नहीं है। इन वीरान व वंजरभूमि उद्यानों की देखभाल के नाम पर पालिका प्रशासन प्रत्येक वर्ष लाखों रूपये खर्च करती रही है। इसके लिए बाग मजदूरों की नियुक्ति की गई है। उद्यान विभाग बनाया गया है। किन्तु अधिकारियों की उदासीनता के कारण प्रत्येक वर्ष हजारों की संख्या में पेड़ सूख रहे है। 

पालिका मुख्यालय में गमले के नाम भारी भष्ट्राचार होता रहा है। उद्यान विभाग मुख्यालय में सजावट के नाम पर बड़े बड़े गमले की खरीददारी करती है। इन गमलों में लगे पेड़ को पानी नही मिलने से सूख जाते है। जिसके कारण फिर नये गमलों की खरीदारी की जाती है। जिसमें भारी भष्ट्राचार होता है। मुख्यालय परिसर में बने गार्डेन व गमलों में कई दिनों तक पानी नहीं दिया जाता है। इसी तरह प्रभाग समितियों के अधिकांश गमले में लगे पेड़ सूख चुके हैं अथवा सूखने के कगार पर है। गत वर्ष सघन वन के नाम पर हजारों की संख्या में देशी पेड़ों का रोपड़ किया गया था लेकिन गर्मी में पानी नहीं मिलने से दम तोड़ दिया है। उद्यान विभाग में बाग कामगार पद पर कार्यरत कई कर्मचारी आज दूसरे विभागों में कम कर रहे है। जिसके कारण गार्डेन व उद्यान में लगे पेड़ों की सही देखभाल नही हो रही है।  शहर के दक्ष नागरिकों ने उद्यान विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में उद्यान अधीक्षक से संपर्क करने की कोशिश की गई किन्तु उनसे संपर्क नहीं हो सका।

रिपोर्टर

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