
5रुपये से शुरू हुई साईं की रसोई के स्वर्णिम 5 साल हुए पूरे
- रामजी गुप्ता, सहायक संपादक बिहार
- Aug 31, 2024
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बेगुसराय से ब्यूरो दयानंद कश्यप की रिपोर्ट
1827 दिनों से लगातार चलती आ रही है रसोई , तकरीबन 2.5 लाख प्लेट भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है
बेगूसराय ।। जरूरतमंदों को महज 5 रुपये में रात्रि भोजन उपलब्ध करवाने को लेकर 29 अगस्त 2019 को शुरू की गयी मुहिम साईं की रसोई, बेगूसराय ने 29 अगस्त 2024 (गुरुवार) को सफलतम 5 वर्ष पूरे किये। पिछले पाँच वर्षों में साईं की रसोई टीम ने न केवल भूखों को भोजन कराया है, बल्कि समाज के हर उस वर्ग तक पहुँची है जिसे मदद की आवश्यकता थी। साईं की रसोई के माध्यम से युवाओं की टोली द्वारा जरूरतमंदों को मात्र पांच रुपये में रात्रि भोजन मुहैया कराया जा रहा है। रसोई खत्म होने के तुरंत बाद शहर में घूम-घूमकर विभिन्नचौक-चौराहे-मुहल्ले में जाकर दिव्यांग, विक्षिप्त, फुटपाथ पर सोने को मजबूर निहायत ही जरूरतमंद को निःशुल्क भोजन पैकेट भी उपलब्ध कराया जाता है।29 अगस्त 2019 को पांच युवा किशन गुप्ता, नितेश रंजन, अमित जायसवाल, पंकज कुमार एवं निखिल राज ने बेगूसराय सदर अस्पताल के समीप साईं की रसोई की शुरुआत की। आज यह मुहिम जरूरतमंदों के लिए एक बडी उम्मीद बन कर उभरी है। अब इनकी टीम पांच युवाओं से बढ़कर 30 युवाओं की हो चुकी है, जिसमें हर पेशे से जुड़े लोग शामिल हैं और सबका बस एक ही उद्देश्य है जरूरतमंदों के लिए खड़े रहना। चाहे रात का भोजन उपलब्ध करवाना हो, बाढ़ एवं कोरोना जैसे आपदा के समय में जरूरतमंदों की मदद करनी हो, पुस्तक दान हो, जरूरतमंद परिवार के बेटियों की शादी में मदद हो, सबमें टीम साईं की रसोई ने आगे आकर मदद की है।सबसे बड़ी बात है कि कोरोना वायरस के डर से जब लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे थे, एक-दूसरे से मिलने से भी परहेज कर रहे थे, उस दौरान भी साईं की रसोई टीम ने अनवरत लोगों को भोजन उपलब्ध कराया। साईं की रसोई के द्वारा सिर्फ भोजन ही उपलब्ध नहीं कराया जाता है, बल्कि प्राकृतिक आपदा के समय भी जरूरतमंदों की मदद कई स्तर पर की जाती रही है। बाढ़ के समय बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाकर पका हुआ भोजन, सूखा भोजन, दवाइयां समेत किसी प्रकार से राहत पहुंचाना हो या कोरोना जैसे महामारी में राशन और पका हुआ भोजन वितरण हो, साईं की रसोई टीम मुस्तैदी से सामाजिक कार्यों में लगी हुई है। यही कारण है कि आज साईं की रसोई किसी परिचय की मोहताज नहीं।
जन सहयोग से जारी है मुहिम
जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ एवं पुण्यतिथि सहित कई अन्य मौके पर लोग रसोई में आकर ना सिर्फ आर्थिक मदद करते हैं, बल्कि अपने तरफ से सामान्य भोजन के अलावे मिठाई सहित अन्य भोजन सामग्री भी लोगों के बीच वितरित करते हैं। रसोई के संस्थापक सदस्य नितेश रंजन , अमित जायसवाल , किशन गुप्ता और खाद्य मंत्री पंकज कुमार ने बताया कि मौजूदा समय में बहुत से लोग ऐसे हैं, जिन्हें रोज एक समय का भोजन भी बहुत मुश्किल से नसीब होता है। हमारे देश में लाखों लोग दो जून की रोटी की व्यवस्था करने में भी नाकाम हो जाते हैं। मजबूरी और गरीबी की वजह से लोगों को भूखे पेट ही सोना पड़ जाता है। लेकिन ऐसा नहीं है कि इस तरह के जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए लोग सामने नहीं आते हैं दरअसल लोगों के मन में जरूरतमंदों की सेवा की भावना तो है लेकिन उन्हें सही प्लेटफार्म नहीं मिल पाता जिसके माध्यम से वो ऐसे लोगों की मदद कर सकें। साईं की रसोई ऐसी ही लोगों को उनकी भावनाओं को आत्मसात करने का एक मंच उपलब्ध करवाता है।
बेगूसराय शहर में साईं की रसोई की शुरूआत की गई है । पांच रुपया सहयोग राशि लेने के सवाल पर रसोई टीम सदस्य गौरव मित्तल , सन्तोष सोनी , राघव , रौनक व बैभव अग्रवाल ने बताया लोगों को यह महसूस नहीं हो कि उन्हें मुफ्त में खाना दिया जा रहा है, भोजन के महत्व को वो समझ सकेगें, इसलिए पांच रुपए की सहयोग राशि ली जाती है। 29 अगस्त 2024 को रसोई ने 5 वर्ष पूरे कर लिये हैं और आशा है कि यह रसोई लगातार यूं ही बिना थके बिना रुके चलती रहेगी ।
पाँचवे वर्षगाँठ पर रसोई आये सांसद गिरिराज सिंह ने बताया बेगूसराय में टीम साईं की रसोई ने सेवाभाव के क्षेत्र में एक अलग लकीर खींचने का काम किया है , 5 रुपये से शुरू हुई रसोई ने अपना 5 साल पूरा किया यह बहुत मायने रखता है । वहीं बेगूसराय के महापौर पिंकी देवी ने बताया शुरुआती दिनों से ही रसोई में आती रही हूँ यहाँ आकर जरूरतमंदों को भोजन परोस एक सुखद अनुभूति मिलती है । पूर्व महापौर संजय कुमार ने बताया बेगूसराय में चल रही रसोई एक प्रेरणा है उन सभी के लिए जो समाज के जरूरतमंद लोगों की मदद से कतराते हैं , इन लोगों ने वो कर दिखाया है जिसे करने हेतु काफी मशक्कत व मेहनत करना पड़ता है पूरी टीम के जज्बे को सलाम है । हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ रंजन चौधरी ने अपने सम्बोधन में कहा रसोई टीम सम्मान दे रही है लेकिन हमलोगों को इनका सम्मान करना चाहिए इनके कार्यों की सराहना करना चाहिए इन्हें हौसला देना चाहिए । आये हुए अन्य अतिथियों ने रसोई के कार्यों की सराहना करते हुए आगे भी साथ बनाये रखने की बात की । वार्ड 35 की वार्ड पार्षद सगुफ्ता ताजवार ने कहा साई की रसोई का मूल मंत्र है - "कोई व्यक्ति भूखा उठे, लेकिन कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए।" इस सिद्धांत पर चलते हुए, वे रोजाना हर मुश्किलों से लड़ते हुए जरूरतमंदों को कम से कम एक वक्त का भोजन प्रदान करते हैं।आगत अतिथि सुरेश राय व प्रेम कुमार ने बताया साई की रसोई का पांच साल का सफर दर्शाता है कि समर्पण और सेवा भाव से किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी समाज में बड़े बदलाव ला सकते हैं। यह संस्था मानवता की सेवा का एक ज्वलंत उदाहरण है, जो हमें सिखाती है कि परोपकार और करुणा ही मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी है ।मौके पर रसोई टीम सदस्य विक्की भाटिया , अनिल सिंघानिया , सुमित , अभिनव , अभिषेक , कुंदन , शैलेंद्र , आकाश सोनी , अंकित , सृष्टि , रागिनी , निधि , आहान गुप्ता , प्रवीण कुमार , राघव , प्रशांत , रिशु , पंकज , समेत अन्य मौजूद थे ।
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