
कंधे पर हल, पैरों में छाले... किसानों का मंत्रालय तक संघर्ष, तबीयत बिगड़ी तो पहुंचे अस्पताल
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Jul 14, 2025
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भिवंडी। कर्जमाफी और सातबारा कोरा करने की मांग को लेकर लातूर जिले के दो किसानों ने अनोखा आंदोलन छेड़ दिया है। कंधे पर हल उठाकर लगभग 500 किलोमीटर की पदयात्रा करते हुए ये किसान शनिवार को भिवंडी पहुंचे, लेकिन रविवार को तबीयत बिगड़ने के चलते उन्हें ठाणे सिविल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। किसानों का कहना है कि इलाज के बाद वे दोबारा मंत्रालय की ओर कूच करेंगे। अहमदपुर तालुका के धनोरा बुंद्रुक गांव के किसान सहदेव होनाले और चाकुर तालुका के झारी खुर्द के गणेश सूर्यवंशी ने यह पदयात्रा 4 जुलाई से शुरू की थी। सहदेव ने कर्जमाफी के लिए सरकार का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया था। उन्होंने कहा, “क्या अब किसानों को अपनी पीड़ा दिखाने के लिए कंधे पर हल रखकर चलना जरूरी हो गया है?”
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले एक बुजुर्ग किसान का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह अपनी पत्नी के साथ कंधे पर हल लेकर खेत जोतते नजर आया था। इस पर उपमुख्यमंत्री ने तत्काल उस किसान की कर्जमाफी की घोषणा की थी। उसी घटना से प्रेरित होकर सहदेव होनाले ने यह पदयात्रा शुरू की।
6 जुलाई से गणेश सूर्यवंशी भी उनके साथ इस यात्रा में शामिल हो गए। दोनों किसान अब तक 450 किलोमीटर की दूरी तय कर चुके हैं। यात्रा के दौरान दोनों के पैरों में छाले पड़ गए, सूजन आ गई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। दुर्भाग्यवश, रविवार को तबीयत बिगड़ने के कारण दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। सहदेव का कहना है, “मुझ पर डेढ़ लाख का कर्ज है, मैं चुका दूंगा। लेकिन राज्य के लाखों किसान आज कर्ज माफी का इंतजार कर रहे हैं। उनकी पीड़ा कौन सुनेगा?”इस आंदोलन ने न सिर्फ किसानों की व्यथा उजागर की है, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है। गणेश सूर्यवंशी ने कहा, “राज्य में जातियों के बीच झगड़े भड़काने की कोशिश हो रही है, लेकिन मैं एक मराठा होकर ओबीसी किसान सहदेव के साथ खड़ा हूं, क्योंकि असली लड़ाई किसानों के हक की है।”कंधे पर हल और मन में उम्मीद लिए ये दोनों किसान मंत्रालय तक अपनी आवाज़ पहुंचाने को बेताब हैं। अब देखना यह है कि क्या सरकार उनकी इस संघर्षपूर्ण यात्रा का संज्ञान लेती है या नहीं।
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