प्राकृतिक खेती ही समृद्ध किसान और स्वस्थ समाज की आधारशिला

 राजगढ़ । किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा ग्राम कूपा में आयोजित किसान सम्मेलन में प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं रोजगार विभाग गौतम टेटवाल मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) टेटवाल ने छोटी कन्याओं का पूजन कर भारतीय संस्कृति और परंपरा का संदेश दिया।

राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) टेटवाल ने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गौमाता का पालन कर उनके मल-मूत्र से खाद तैयार की जाए। जिससे खेतों की उर्वरता बढ़े और रसायन-मुक्त खेती संभव हो। प्राकृतिक खेती से कम लागत में उत्तम गुणवत्ता का अन्न पैदा होगा, जो किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त करेगा और समाज को स्वस्थ जीवन प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि खेतों में जहर नहीं, बल्कि जीवनदायी अन्न उगाया जाना चाहिए।

राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) टेटवाल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की महत्वाकांक्षी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार गौपालन को बढ़ावा देने के लिए विशेष सब्सिडी दे रही है। महिला स्व-सहायता समूहों को गौपालन हेतु अतिरिक्त लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही “एक बगिया माँ के नाम” योजना के अंतर्गत किसानों को फलों की बगिया लगाने पर ऋण के साथ सब्सिडी भी प्रदान की जाएगी।

राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) टेटवाल ने किसानों से आह्वान किया कि वे जैविक खेती को अपनाकर धरती माँ को प्रदूषण से बचाएँ, स्वयं को आत्मनिर्भर बनाएँ और समाज को स्वस्थ जीवन प्रदान करें। ग्राम कूपा का यह आयोजन किसानों के लिए प्रेरणादायी साबित हुआ, जहाँ आत्मनिर्भर कृषि और प्राकृतिक खेती की दिशा में ठोस संदेश दिया गया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष गिरिवर भंडारी, पूर्व मंडल अध्यक्ष सतीश वैश्य, बालू सिंह सहित मंडल के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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