आरक्षण के विरुद्ध राष्ट्रीय जातिगत आरक्षण विरोधी पार्टी ने किया एक दिवसीय धरना प्रदर्शन

एससी एसटी एक्ट व आरक्षण की मौजूदा जन विरोधी व्यवस्था को समाप्त करने हेतु राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन


नई दिल्ली-- पार्लियामेंट थाना क्षेत्र स्थित जंतर मंतर पर आरक्षण के विरुद्ध राष्ट्रीय जातिगत आरक्षण विरोधी पार्टी ने किया एक दिवसीय धरना प्रदर्शन, एससी एसटी एक्ट व आरक्षण की मौजूदा जन विरोधी व्यवस्था को समाप्त करने हेतु राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन। संदर्भ में जानकारी देते हुए राष्ट्रीय जातिगत आरक्षण विरोधी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव रविंद्र जठेरी द्वारा बताया गया, कि राष्ट्रीय जातिगत आरक्षण विरोधी पार्टी देश की सरकार से पिछले काफी वर्षों से सत्याग्रह कर, देश की एकता अखंडता और संप्रभुता हेतु खतरा बन चुके एससी एसटी एक्ट और एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, महिला आदि के नाम से जारी आरक्षण की मौजूदा जन विरोधी व्यवस्था को खत्म करने की मांग कर रही है। लेकिन केंद्र सरकार हमारी मांगों को नदारत कर एससी एक्ट को मजबूत कर आरक्षण को लगातार बढ़ावा दे रही है। प्रतिभाओं को दरकिनार किया जा रहा है जो कि जनहित और राष्ट्रहित में नहीं है। जातिगत जनगणना करवाने के केंद्र सरकार के फैसले ने पहले से खतरे में चल रहे देश की एकता अखंडता और संप्रभुता को अधिक खतरे में डाल दिया है। जिसकी चिंता को लेकर राष्ट्रीय जागतिगत आरक्षण विरोधी पार्टी के सत्याग्रहियों सहयोगी समर्थको सहित देशवासियों में सरकार की कार्य शैली को लेकर लगातार आक्रोश बढ़ते जा रहा है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति के नाम सौंप गए ज्ञापन में एससी एसटी एक्ट को तत्काल प्रभाव से खत्म करने, आरक्षण के मौजूदा जन विरोधी व्यवस्था को खत्म कर देश के गरीब आजीविका विहीन व्यक्ति परिवार को केवल और केवल जरूरी आर्थिक मदद के रूप में ही संरक्षण सुविधा सुनिश्चित करें, जातिगत जनगणना के बजाय अमीर गरीब रोजगार बेरोजगार आदि की गणना करवाना सुनिश्चित करें।

रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट