मतदान से पहले AIMIM को बड़ा झटका
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Jan 11, 2026
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भिवंडी के कद्दावर नेता शादाब उस्मानी का इस्तीफा
महाराष्ट्र नेतृत्व पर संगठन कमजोर करने और जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप
भिवंडी । भिवंडी महानगरपालिका चुनाव के लिए मतदान से ठीक पहले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और भिवंडी के अध्यक्ष शादाब उस्मानी ने AIMIM से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा सीधे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी को भेजा है। चुनावी माहौल के बीच आए इस घटनाक्रम से भिवंडी की राजनीति में खलबली मच गई है। करीब 12 वर्षों तक AIMIM संगठन में सक्रिय रहे शादाब उस्मानी ने अपने इस्तीफे में महाराष्ट्र प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य नेतृत्व ने न सिर्फ उन्हें लगातार नजरअंदाज किया, बल्कि संगठन के भीतर ऐसी परिस्थितियां पैदा की गईं, जिससे जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस करने लगे।
इस्तीफे में उस्मानी ने कहा है कि महाराष्ट्र में पार्टी के भीतर उभर रहे जमीनी नेताओं को आगे बढ़ने का मौका नहीं दिया जा रहा। इससे AIMIM की वैचारिक मजबूती और संगठनात्मक ढांचा कमजोर हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी संगठन को सामूहिक रूप से मजबूत करने के बजाय निर्णय प्रक्रिया को कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित कर दिया गया है। शादाब उस्मानी ने महाराष्ट्र अध्यक्ष इम्तियाज जलील की कार्यप्रणाली पर अप्रत्यक्ष रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि एक व्यक्ति के रूप में उनकी क्षमता पर उन्हें कोई संदेह नहीं है, लेकिन एक संगठनात्मक प्रमुख के रूप में अपेक्षित संतुलन, पारदर्शिता और समन्वय की कमी साफ दिखाई देती है।
शादाब उस्मानी का इस्तीफा ऐसे समय में सामने आया है, जब भिवंडी मनपा चुनाव के लिए मतदान नजदीक है। AIMIM ने इस चुनाव में कुल 16 सीटों पर अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं, जिनमें पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से एक और पूर्व विधानसभा क्षेत्र से 15 प्रत्याशी शामिल हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में AIMIM उम्मीदवार को भिवंडी से लगभग 15 हजार वोट मिले थे, जिसके आधार पर पार्टी इस बार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रही थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदान से पहले एक मजबूत और जमीनी नेता का पार्टी से अलग होना AIMIM की चुनावी रणनीति और स्थानीय पकड़ को प्रभावित कर सकता है। खासतौर पर उन क्षेत्रों में असर पड़ने की संभावना है, जहां शादाब उस्मानी का सीधा जनसंपर्क और प्रभाव रहा है। फिलहाल AIMIM की ओर से इस इस्तीफे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन पार्टी के भीतर अंदरूनी मंथन और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मतदान से पहले आया यह घटनाक्रम भिवंडी के मनपा चुनाव को और भी दिलचस्प बना रहा है।


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