
मै आज कि नारी हूं
- एबी न्यूज, डेस्क संवाददाता
- Sep 15, 2018
- 582 views
मै कमजोर नादान नहीं हूं
मै किसी कि मोहताज नहीं हूं
दबी हुई पहचान नहीं हूं
मै स्वाभिमान से जीती हूं
मै अपने अंदर रखती खुद्दारी हूं
मै आज कि नारी हूं
इस पुरुष प्रधान जगत में मैंने
आज अपना लोहा मनवाया है
जो काम मर्द करते आये अभी तक
हर काम वो करके दिखलाया है
मै आज स्वर्णिम अतीत सदृश
फिर से पुरुषों पर भारी हूं
मैं आज कि नारी हूं
आज सीमा से हिमालय तक हूं
आज खेल मैदानों तक हूं
आज जमीं से आसमां तक हूं
मै माता,बहन और पुत्री भी हूं
मैं लेखक और कवयित्री भी हूं
अपने बाहुबल से जीती हूं
मैं बिजनेस औरत व्यापारी भी हूं
मैं आज कि नारी हूं
जिस युग में दोनो नर-नारी
कदम मिला कर चलते होंगे
मै उस युग के उज्वल भविष्य की
एक आशा की चिंगारी हूं
मैं आज कि नारी हूं
रिपोर्टर