एक वर्ष पूर्व घटित सर्राफा व्यापारी आशीष भण्डारी के अंधे कत्ल का हुआ खुलासा

इरादतन लूट की घटना के दौरान की गई हत्या, जिला पुलिस के सार्थक प्रयास, आखिरकार आरोपी आए शिकंजे में


नरसिंहगढ़ ।। अपराधियों की धरपकड़ एवं उनके विरुद्ध लगातार जारी कार्यवाही के चलते अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक भोपाल, झोन भोपाल एवं उप पुलिस महानिरीक्षक भोपाल ग्रामीण रेंज द्वारा प्राथमिकता से संज्ञान लेकर लगातार दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं वहीं जिला पुलिस कप्तान श्री प्रदीप शर्मा द्वारा घटित घटनाओं पर तत्काल संज्ञान लेकर अपराधों के त्वरित निराकरण हेतु लगातार प्रयास किए जा रहे हैं इसी के चलते जिले कि पुलिस टीम को एक वर्ष पूर्व हुए बहुचर्चित हत्याकांड का पर्दाफाश करने में बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। 

थाना नरसिंहगढ़ क्षेत्र अंतर्गत दिनांक 21/03/2020 को रात्रि करीब 8:00 बजे कुछ अज्ञात बदमाशों द्वारा नरसिंहगढ़ के सर्राफा व्यापारी आशीष भंडारी की हत्या कर दी गई, आरोपियों द्वारा इरादतन लूट की घटना के प्रयास के चलते दुकान से घर जाते समय आशीष भंडारी से सोने चांदी से भरा बैग छुड़ाने का प्रयास किया वही इस असफल प्रयास के चलते ही आशीष भंडारी की गोली मारकर नृशंस हत्या कर दी गई। 

मृतक के भाई लोकेश भंडारी द्वारा की गई रिपोर्ट पर थाना नरसिंहगढ़ में अपराध क्रमांक 167/2021 धारा 302, 398, 34 भादवि एवं 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना में लिया गया, मामला गंभीर प्रकृति का होने से तत्काल जिला पुलिस कप्तान श्री प्रदीप शर्मा द्वारा मामले में त्वरित संज्ञान लेकर बारीकी से विवेचना करते हुए अपराधियों की तत्काल धरपकड़ हेतु एक विशेष टीम का गठन किया गया टीम में जिले के तेजतर्रार पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शामिल किया गया था। 

एक सर्राफा व्यापारी की हत्या के गंभीर प्रकरण को देखते हुए जोनल अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक भोपाल झोन भोपाल द्वारा प्रकरण में बारीकी से विवेचना करने सहित कोरोना संक्रमण एवं लॉकडाउन के दौरान मौजूदा हालातों को देखते हुए छोटे-छोटे बिंदुओं पर विशेष एहतियात बरतने के बारे में दिशा निर्देश दिए गए, टीम द्वारा निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए नरसिंहगढ़ क्षेत्र एवं आसपास के क्षेत्रों में वीडियो फुटेज एवं अपराधियों से जुड़े छोटे से छोटे तथ्य को खंगालना शुरू किया। मामले में विवेचना के दौरान उप पुलिस महानिरीक्षक भोपाल ग्रामीण रेंज द्वारा प्रत्यक्ष रूप से विवेचना में विशेष रूचि लेते हुए दिशा निर्देश प्रदान किए गए, घटना के दौरान अपराधियों की गतिविधियों पर बारीकी से अनुसंधान कर प्राप्त वीडियो फुटेज को जिले सहित आसपास के सीमावर्ती जिलों में भी प्रसारित किया गया साथ ही टीम में शामिल साइबर क्राईम इन्वेस्टिगेशन टीम के सदस्यों द्वारा हर तकनीकी पहलू पर अथक प्रयास किए घटनास्थल पर मौजूद व्यक्तियों के कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले गए साथ ही मुखबिरों की मदद से संदेहियों पर विशेष नजर रखी गई, 14 माह के विशेष प्रयासों के तहत जिला पुलिस कप्तान द्वारा आरोपियों के ऊपर अधिक से अधिक इनाम की उद्घोषणा कि जाकर विवेचना में हर संभव मदद के प्रयास किए गए, जिले की पुलिस टीम द्वारा अपराधियों के बारे में पतारसी करते हुए जिले सहित आसपास के सीमावर्ती जिलों में अवस्थित टोल टैक्स एवं संभावित स्थानों के वीडियो फुटेज से मिलान किया जा रहा था, साथ ही फोटो की पहचान से थाना नरसिंहगढ़ की घटना में मिले अज्ञात आरोपियों के वीडियो फुटेज एवं अपराधियों द्वारा की गई घटना के दौरान अपनाए गए तरीका ए वारदात के आधार पर जिला शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड, मुरैना एवं दतिया में हुई घटनाओं में मिले वीडियो फुटेज से लगातार मिलान किया जा रहा था साथ ही मुखबिरों की मदद से पुलिस टीम को हासिल जानकारी में संदिग्ध आरोपियों के तार जिला मुरैना से जुड़े होने के बारे में पता चला। 

मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली की अंबाह एवं पोरसा के रहने वाले मनीष शर्मा निवासी गिला पुरा एवं संजय उर्फ संजू बाबा जाटव निवासी ग्राम रामनगर इस अपराधिक घटना से कहीं ना कहीं मेल खाते हैं बस पुलिस में देर न करते हुए इनके पुराने रिकॉर्ड को खंगालना शुरू किया और समस्त वीडियोस को मिलाकर फेस रिकॉग्निशन तकनीक की मदद से आरोपियों के चेहरों का मिलान किया गया तब तक मामले के आरोपियों के बारे में काफी कुछ पता चल चुका था, तभी मुखबिर द्वारा पता चला कि उक्त आरोपियों द्वारा अपने साथी भूरा जाटव निवासी धर्मशाला थाना अंबाह, राजेश गुर्जर निवासी रानसू, थाना रिठौरा कला जिला मुरैना एवं अन्य साथियों के साथ मिलकर थाना सबलगढ़ जिला मुरैना, थाना मोह जिला भिंड एवं थाना इंदरगढ़ जिला दतिया ने भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जा चुका है। 

सूचना के आधार पर ही आरोपियों की पहचान कर थाना नरसिंहगढ़, एवं जिले के अन्य बल को मिलाकर अनुविभागीय पुलिस अधिकारी श्री भारतेंदु शर्मा के मार्गदर्शन में निरीक्षक रामबाबू यादव के नेतृत्व में गठित विशेष टीम द्वारा मुखबिरों की सूचना पर आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जहां से आरोपियों के विरुद्ध अन्य साक्ष्य संकलन करने एवं घटना के बारे में पूछताछ करने हेतु सात दिवस का पुलिस रिमांड लिया गया वहीं आरोपियों से घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ करने पर इस बहुचर्चित सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हो सका।

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि हम लोगों द्वारा लूट के इरादे से आशीष भंडारी पर हमला किया गया था वहीं आरोपी मनीष शर्मा निवासी गीला पुरा, थाना अंबाह जिला मुरैना, संजय उर्फ संजू बाबा जाटव निवासी ग्राम रामनगर थाना पोरसा जिला मुरैना, भूरा उर्फ राजेश जाटव निवासी ग्राम धनसुला थाना अंबाह जिला मुरैना, राजेश गुर्जर निवासी रांसू, थाना रिठौरा जिला मुरैना और सुभाष गुर्जर निवासी गोले का मंदिर ग्वालियर एवं निक्की उर्फ भूपेंद्र गुर्जर निवासी कृष्णा नगर गोले का मंदिर ग्वालियर ने साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया गया था । इस दौरान उन्होंने एक काले रंग की स्कार्पियो गाड़ी से जिला भोपाल के पास थाना परवलिया सड़क के अपराध क्रमांक 57/2020 के फरियादी सुनील कौर निवासी बैरसिया भोपाल से मुगलिया हाठ जोड़ पर फरियादी से पल्सर मोटरसाइकिल लूट कर नरसिंहगढ़ में सर्राफा व्यापारी आशीष भंडारी से गहनों से भरा बैग लूटने की योजना बनाई थी, वही इस लूट के दौरान आरोपियों ने आशीष भंडारी को गोली मारकर उसकी हत्या कर दी और इस कृत्य के दौरान आशीष भंडारी की मौके पर ही मृत्यु हो गई, आरोपी अपने साथी के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर बंदूक से फायर करते हुए दहशत का माहौल बना कर मौके से फरार हो गए और लूटी गई मोटरसाइकिल को हिनोती जोड़ पर खड़ी करके उनके साथी रट्टी गुर्जर एवं निक्की गुर्जर के साथ काली रंग की स्कार्पियो से भाग निकले जिस स्कॉर्पियो वाहन से आरोपी फरार हुए थे उसके बारे में भी लगातार जानकारी ली जा रही थी, मामले में गिरफ्तार आरोपी मनीष शर्मा एवं संजू बाबा से गहन पूछताछ की जा रही है जिससे इस घटना के अलावा भोपाल, एवं नरसिंहगढ़ के आसपास क्षेत्रों में भी हुई कुछ घटनाओं का खुलासा होने की संभावना है, आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में अन्य सीमावर्ती जिलों को भी सूचना दी जा रही है। 

आरोपी इतने शातिर प्रवृत्ति के हैं कि इन्होंने मध्य प्रदेश के अलावा अन्य प्रदेशों में भी इसी प्रकार की दर्जनों घटनाओं को अंजाम दिया है पूर्व में घटित कई अन्य घटनाओं में भी इन आरोपियों का नामजद खुलासा हो चुका है घटना में शामिल शेष तीन आरोपी अभी आसपास के प्रदेशों की विभिन्न जेल में बंद है जिनके बारे में भी आवश्यक विधि सम्मत कार्रवाई कर इनका पुलिस रिमांड प्राप्त किया जावेगा। 

मामले का अन्य आरोपी रट्टी उर्फ सुभाष गुर्जर घटना वक्त  से ही फरार है जिसे जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया जावेगा साथ ही इन आरोपीयों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जावेगा, वही अनुसंधान में अगर कोई नए तथ्य सामने आते हैं तो उन बिंदुओं पर पुनः विवेचना की जावेगी। 

उक्त सनसनीखेज अंधे कत्ल का खुलासा करने में जिला पुलिस कप्तान द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मनकामना प्रसाद एवं अनुविभागीय पुलिस अधिकारी नरसिंहगढ़ श्री भारतेंदु शर्मा के मार्गदर्शन में गठित टीम में थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र चावरिया, निरीक्षक रामबाबू सिंह यादव रक्षित केंद्र राजगढ़, निरीक्षक कैलाश भारद्वाज (तत्कालीन थाना प्रभारी नरसिंहगढ़), उपनिरीक्षक राकेश दामले, उप निरीक्षक अरविंद राजपूत, उप निरीक्षक रमाकांत उपाध्याय (वर्तमान पदस्थापना ग्वालियर), उप निरीक्षक अरुंधति राजावत, उप निरीक्षक माधवी सिंह तोमर,  प्रधान आरक्षक 602 राजेंद्र सिंह, प्रधान आरक्षक 91 सुनीता भाबर, प्रधान आरक्षक 653 संजय झा, प्रधान आरक्षक 268 मोइनुद्दीन, प्रधान आरक्षक 296 दिनेश गुर्जर, आरक्षक 643 केशव सिंह राजपूत, आरक्षक 458 दीपक यादव, आरक्षक चालक 52 परवेज़, आरक्षक 744 चन्द्रभान सिंह, आर 461 मनोज परिहार एवं साइबर सेल से आरक्षक 816 रवि कुशवाह की सराहनीय भूमिका रही। साथ ही मामले के खुलासे में निरीक्षक रामबाबू यादव एवं आरक्षक केशव सिंह राजपूत का विशेष योगदान रहा है। 

विगत 14 महीनों में अपराधियों की पतारसी एवं गिरफ्तारी में गठित एसआईटी में शामिल सदस्यों के अलावा जिले की फॉरेंसिक टीम से डॉक्टर नीलेश निमजे एवं उनकी टीम के सदस्य, जिले की डाग स्क्वाड टीम साथ ही साइबर सेल से प्रधान आरक्षक प्रदीप शर्मा, आरक्षक शशांक सिंह यादव एवं आरक्षक पवन मीणा का भी सराहनीय योगदान रहा।

उपरोक्त अंधेकत्ल के खुलासे के चलते थाना नरसिंहगढ़ में आयोजित पत्रकार वार्ता में स्व. श्री आशीष भण्डारी के पिता श्री पुरूषोत्तम भण्डारी जी स्वयं मौजूद रहे, वहीं उनके साथ सर्राफा एसोसिएशन के सदस्य भी उपस्थित रहे जिनके द्वारा पुलिस की सराहनीय कार्यवाही के लिये पूरी पुलिस टीम का सम्मान किया साथ ही पुलिस वेलफेयर हेतु जिला पुलिस कप्तान को 11 हजार रूपये का लिफाफा भेंट किया गया। 

इस घटना के दौरान एक व्यक्ति जो घटना स्थल के पास ही अपनी जीविका के लिये रेहड़ी लगाते हैं श्री नरेन्द्र खिंची, उनकी बहादुरी के चलते आरोपी घटना के दौरान सोने चांदी से भरा बैग नहीं ले जा पाए, दरअसल घटना के समय जहां एक ओर अफरा तफरी का माहौल बन गया था वहीं श्री नरेन्द्र खींची ने अपनी जान की परवाह न करते हुए रेहड़ी में रखी कढाई आरोपियों की ओर फेक कर मारी जिससे हथियार बंद आरोपियों में खलबली मच गई और वे मौके से भाग खड़े हुए। श्री नरेन्द्र खींची की बहादुरी के लिये जिला पुलिस कप्तान द्वारा उनका सम्मान किया साथ ही उन्हें नगद 01 हजार रूपये से पुरूस्कृत भी किया गया।

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