
पालिका के 200 कर्मचारियो की जान का खतरा
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Jul 28, 2023
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सरकारी इमारत के आठ खंबो की स्थिति है डेंजर
भिवंडी।। भिवंडी पालिका प्रशासन के पुरानी मुख्यालय इमारत जर्जर घोषित होने के बावजूद इसी इमारत में आधा दर्जन ज्यादा विभाग संचालित है। जिसमें लगभग 200 कर्मचारी जान जोखिम में डालकर काम करने के लिए मजबूर है। यही नहीं तल अधिक तीन मंजिला इमारत के छत पर लगा सीमेंट पतरा टूटने से बारिश का पानी तीसरे मंजिल स्थित कई दफ्तरों को नुकसान पहुचाते हुए दूसरे व पहले मंजिल के दफ्तरों तक पहुँच रहा है। यही नहीं, कर्मचारियों को दफ्तरों में बैठ कर काम करने की जगह नहीं बची है। लगातार छत से पानी टपकता रहता है। जिसके कारण प्रभाग समिति क्रमांक एक व दो के कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भींग कर खराब हो चुके है। अफसोस की बात यह है कि नव नियुक्ति पालिका प्रशासक एवं आयुक्त अजय वैद्य को इसकी जानकारी होने के बावजूद संबंधित विभाग को ठोस कार्रवाई करने के लिए आदेश नहीं दिया है।
इसी इमारत में जन्ममृत्यु विभाग,एलबीटी विभाग,परवाना विभाग,भविष्य निवार्ह निधि विभाग, संगणक विभाग, प्रभाग समिति क्रमांक एक व दो का दफ्तर, युनियन दफ्तर आदि दफ्तर संचालित है। इन दफ्तरों में रोज हजारों नागरिकों का आना जाना भी लगा रहता है। पालिका प्रशासन ने गत माह इमारत का स्ट्रक्चरल आॅडिट करवाया था। जिसमें इंजिनियर जावेद आजमी व उनकी टीम ने इमारत के 8 खंबे (पीलर) को अति धोखादायक बताते हुए इमारत को सी -2 अ की श्रेणी में घोषित कर तत्काल खाली करवाया कर मरम्मत करवाने के लिए रिपोर्ट सौंपी है। किन्तु लगभग तीन माह बीत जाने के बावजूद ना तो इमारत खाली करवाई गई और ना ही मरम्मत का काम शुरू किया गया।
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नागरिकों की सी -2 अ श्रेणी इमारतों पर होती है तत्काल कार्रवाई :
पालिका प्रशासन नागरिकों के सी -2 अ श्रेणी की इमारतों पर तत्काल कार्रवाई कर मनुष्यविहीन करवाकर बिजली व पानी सप्लाई खंडित कर दी जाती है और स्ट्रक्चरल आॅडिट रिपोर्ट अनुसार मरम्मत होने के बाद रहने के लिए इजाजत दी जाती है। किन्तु प्रशासन के स्वामित्व वाली बिल्डिंग के 8 खंबे पूरी तरह से जर्जर होने के बावजूद इमारत का ना तो मरम्मत करवाया गया और ना तो खाली करवाया गया। इसी जर्जर इमारत में लगभग 200 पालिका के कर्मचारी दररोज जान जोखिम में डालकर काम करने के लिए मजबूर है जैसे प्रशासन खुद बड़े हादसे के इंतजार में आंखें बंदकर बैठी हुई है।
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