पालिका प्रशासन की लापरवाही बनी मौत की वजह

क्या अब 385 अवैध इमारतों पर चलेगा हथौड़ा ?

क्या जीलानी बिल्डिंग हादसे की तरह होगा केस दर्ज


भिवंडी। शहर की सड़कों पर चलते हुए क्या आप भी अपनी जान जोखिम में डाल रहे है ? भिवंडी के शास्त्री नगर में एक दर्दनाक हादसे ने इस सवाल को और तीव्र बना दिया है। सोमवार की सुबह एक अवैध इमारत से गिरी टाली ने 35 वर्षीय कपड़ा व्यवसायी अकबर की जान ले ली। इस मौत ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है और लोग गुस्से में है। आखिर कब तक प्रशासन की लापरवाही मासूमों की जान लेती रहेगी ?

पालिका प्रशासन की पीठ थपथपाने की कोशिश ::::

घटना के तुरंत बाद, अपनी छवि बचाने के लिए पालिका प्रशासन ने आनन-फानन में इमारत के चौथे मंजिल को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की, लेकिन क्या सिर्फ इतनी सी कार्रवाई इस हादसे की गंभीरता को कम कर सकती है ? शहर में फैली 385 अवैध इमारतें किसी भी समय एक और बड़े हादसे का कारण बन सकती है। यह एक सीधा सवाल है—क्या प्रशासन इन अवैध इमारतों पर वाकई सख्ती से कार्रवाई करेगा या सिर्फ दिखावे के लिए हथौड़ा चलाएगा ?

भ्रष्ट अधिकारियों के खेल का नतीजा:::::

शहर में पिछले कुछ सालों से अवैध इमारतें तेज़ी से खड़ी होती जा रही है। भ्रष्ट अधिकारियों ने बिल्डरों से सांठगांठ करके नियमों की धज्जियां उड़ाई है। जीलानी बिल्डिंग हादसे में 38 मौतों के बावजूद भी कोई सबक नहीं लिया गया। इस हादसे में भी पालिका के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि जमीन मालिक,बिल्डर और आयुक्त अजय वैद्य, अतिरिक्त आयुक्त पवार,उपायुक्त दोंदे, शहर विकास नियंत्रण सुदाम जाधव सहित संबंधित प्रभाग के इन अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

अकबर की मौत से उभरा आक्रोश::::

अकबर, जो रोज़मर्रा की तरह अपने कपड़ों का सामान लेकर जा रहे थे, शायद कभी सोच भी नहीं सकते थे कि एक अवैध इमारत उनकी जान ले लेगी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह इमारत कई सालों से बन रही थी और अधिकारियों को इसकी जानकारी थी। बावजूद इसके, कोई कार्रवाई नहीं की गई।

क्या अब जागेगा प्रशासन ?:::::

अकबर की मौत ने फिर से उस सवाल को जिंदा कर दिया है जो हर भिवंडी वासी के दिल में है—क्या प्रशासन अब इन अवैध इमारतों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगा, या फिर कोई और मासूम इसी तरह अपनी जान गंवाएगा ? शहरवासियों का गुस्सा अब उबाल पर है, और उनकी मांग है कि अवैध इमारतों और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

रिपोर्टर

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