अधौरा प्रखंड में सौर ऊर्जा व्यवस्था ठप, वनवासी अंधेरे में जीने को मजबूर
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Dec 28, 2025
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संवाददाता सिगासन सिंह यादव की रिपोर्ट
भभुआं (कैमूर)-- अनुमंडल क्षेत्र के अधौरा प्रखंड अंतर्गत विभिन्न गांवों में समाजसेवी डॉक्टर जागेश्वर सिंह द्वारा संपर्क अभियान के दौरान एक गंभीर समस्या सामने आई है। अधौरा प्रखंड के लगभग सभी गांवों में लगाए गए सौर ऊर्जा प्लांट से होने वाली बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित है। कहीं यह समस्या पिछले एक वर्ष से बनी हुई है, तो कहीं छह माह और कुछ गांवों में तीन माह से बिजली सप्लाई बंद पड़ी हुई है।
पहाड़ी और वनवासी क्षेत्रों के गांव जैसे लोहार, पक्षमाहुल, गुल्लू, लोंदा, चारोंदाग, बांध सड़क, बहरा और सोड़ा में सौर ऊर्जा प्लांट खराब होने के कारण घरों में रोशनी नहीं है। ग्रामीणों और आदिवासी वनवासियों ने बताया कि क्षेत्र में पहले से ही बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, ऊपर से बिजली की व्यवस्था ठप हो जाने से बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों की दिनचर्या और आम जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
वनवासी समुदाय ने भावुक होकर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि बिना रोशनी के जीवन अंधकारमय हो गया है। शाम ढलते ही पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है, जिससे पढ़ाई-लिखाई और सुरक्षा दोनों पर असर पड़ रहा है।
इस स्थिति को देखते हुए समाजसेवी डॉक्टर जागेश्वर सिंह एवं राष्ट्रीय जनता दल के प्रधान महासचिव श्री बिरजू पटेल ने ग्रामीणों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं और वास्तविक हालात का जायजा लिया। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा जिला पदाधिकारी से आग्रह किया कि अधौरा प्रखंड के सभी गांवों में सौर ऊर्जा प्लांट की शीघ्र मरम्मत के लिए मिस्त्री की व्यवस्था की जाए, ताकि बिजली आपूर्ति बहाल हो सके।
इस अवसर पर जयप्रकाश सिंह, विनोद सिंह, नागेंद्र यादव, सुनील सिंह, भरत राम, राजाराम सिंह, जगदीश उरांव, अवधेश उरांव, सक्षम उरांव, राम गहन यादव, अवधेश कोरवा, सारोंदाग राम बच्चन कोरबा सहित कई ग्रामीण एवं वनवासी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की, ताकि बच्चों को रोशनी में पढ़ने का अवसर मिल सके और गांवों में जीवन सामान्य हो सके।


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