पट्टी नरेंद्रपुर चौराहे की सड़क की खस्ताहाल, लोगों का आरोप केवल वोट लेने के लिए बने हैं नेतागण

जौनपुर ।। पट्टी नरेंद्रपुर शाहगंज मार्ग की हर बरसात में दशा खराब हो जाती है ।अन्य मौसम में सड़क में बने बड़े-बड़े गड्ढों से होकर राहगीर झटके तथा हिचकोले खाकर यात्रा करने को विवश हैं । किंतु बरसात के मौसम में झटके तथा हिचकोले यात्रियों को इनाम में मिले हैं।जलभराव में से होकर यात्रा करने की तथा टूटी फूटी सड़क में बने हुए बड़े-बड़े गड्ढों के झटके सहना जनप्रतिनिधियों तथा पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों द्वारा भेंट की गई बहुत बड़ी सौगात है। सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है।सरकार सड़क निर्माण के लिए बजट स्वीकृत करती है सड़क बन भी जाती है किंतु कुछ ही महीने में उखड़ जाती है और बड़े-बड़े पत्थर उभर जाते हैं जो दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। सड़क के जल्दी उखड़ने और टूटने फूटने से क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। पट्टी नरेंद्रपुर का स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग किया जाता है जिससे सड़कें जल्दी उखड़ जाती हैं। लोगों ने जनप्रतिनिधियों पर इस बात का आरोप लगाया कि वह स्थानीय नेताओं से कह कह कर हार गए लेकिन उन्होंने उनकी बात नहीं सुनी। लोगों ने कहा कि सड़क के लिए स्वीकृत बजट की धनराशि को बचाने के लिए जनप्रतिनिधियों तथा पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की आपस में मिलीभगत है। सड़क निर्माण में निर्माण सामग्री में कमी कर दी जाती है जिससे कुछ ही महीनों में सड़क की दुर्दशा हो जाती है। इस प्रकार से यदि इस बात को कटहल के फल के द्वारा समझें कि जैसे एक कटहल का फल केंद्र सरकार जनता के लिए भेजें और उसका गूदा बीज के संबंधित लोग गटक जाएं और जनता को कटहल के बीच वाला निरर्थक भाग जिसको देहाती भाषा में मूसल कहते हैं मिलता है ठीक वही हाल आज के समय में सड़कों के निर्माण में स्वीकृत धनराशि में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर है। सरकार भी सड़कों की गुणवत्ता की जांच किए बिना ही धनराशि स्वीकृत कर देती है यदि जांच होती भी है तो जांच करने वाले संबंधित अधिकारी भी सही ढंग से निष्पक्ष तथा पारदर्शिता पूर्ण जांच नहीं करते क्योंकि वह भी भ्रष्टाचार में लिप्त हो सकते हैं। यदि नीचे से ऊपर तक भ्रष्टाचार व्याप्त है तो सड़कें मजबूत और टिकाऊ कैसे होंगी? यह स्वाभाविक सी बात है कि यदि सड़क में प्रयुक्त निर्माण सामग्री मानक के अनुसार नहीं होगी तो सड़कें डामर आदि के अभाव में जल्दी ही उखड़ जाएंगी। पट्टी नरेंद्रपुर शाहगंज मार्ग, खुटहन समोधपुर मार्ग पर तथा पिलकिच्छा मार्ग पर बिल्कुल कई वर्षों से टूटी हुई है। क्षेत्रीय लोगों के द्वारा बताया गया कि कोई भी जनप्रतिनिधि या अधिकारी सड़क की समस्या सुनने के लिए तैयार नहीं है। पट्टी नरेंद्रपुर के तथा ग्रामीण लोगों का कहना है कि आजकल के नेतागण बहरूपिया तथा दोहरे चरित्र वाले हो गए हैं। उनकी बातों का कोई भरोसा नहीं है कि क्या कहेंगे और क्या करेंगे। लोगों ने कहा कि जब चुनाव का समय आता है तो नेताओं की लंबी-लंबी झूठी बातें, तमाम वादे करके झांसा देकर जनता को गुमराह करके वोट हासिल करके चुनाव जीत जाने के बाद फिर क्षेत्र में जनता के सामने अपना मुंह दिखाने नहीं आते।

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