सत्याग्रह आन्दोलन का 45वाँ दिन,बहरी हो चुकी सरकार

सिरकोनी ,जौनपुर

 सिरकोनी बाजार (इजरी) की भीषण डकैती काण्ड के अभियुक्तों पर कार्यवाही में हीलाहवाली, शासन के जनसुनवाई पोर्टल (आई.जी.आर.एस.) पर जनसमस्याओं के फर्जी निस्तारण, पत्रकार उत्पीडन, बढ़ते अपराध,  भ्रष्टाचार तथा राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण घोटाला को लेकर यशवन्त कुमार गुप्त द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में किए जा रहे सत्याग्रह आन्दोलन का आज 45वाँ दिन है।

घोर आश्चर्य का विषय है कि इतने लंबे समय तक आंदोलन कर रहे लोगों के प्रति प्रशासन बेपरवाह है। प्रजातन्त्र में लोगों को अपनी समस्या रखने व सुनवाई न होने पर प्रदर्शन करने का अधिकार है । 

पहले के समय में किसी प्रदर्शन के होने पर सरकार तुरन्त मामले को संज्ञान में लेती थी जिससे उसकी छबि न खराब हो।उसका कारण जनता का जाति पाति के भेद से ऊपर उठकर सच्चाई का साथ देना था जो सरकार को भयभीत कर देता था किंतु  आजकल नेताओं ने जनता को वोटों में विभाजित कर दिया है । इसलिये उन्हें पता होता है कि किसके आंदोलन करने पर एक्टिव होना है और किसके आंदोलन पर ध्यान नहीं देना है। इसके पीछे कहीं न कहीं जनता की ही कमी है। अगर हम सिर्फ यह कहकर कि “बहुत भ्रष्ट्राचार है” अपने कर्तव्यों की समाप्ति कर लेंगे तो समस्या समाप्त नहीं होगी। भ्रष्ट्राचार को समाप्त करने के लिये समाज का एकमत होकर उसके विरुद्ध आवाज उठाना जरूरी है। आज के समय में ऐसा होता हुआ नजर नहीं आता है जिसके कारण प्रशासन पूर्णतः निरंकुश हो गया है। 

वैसे यहाँ अब यह देखना है कि इस आंदोलन का पीड़ित जनता कितना विशाल समर्थन करती है और  कब प्रशासन इस पर संज्ञान लेता है ?

इस सत्याग्रह आन्दोलन का समर्थन करते हुए मंगला प्रसाद तिवारी, असलम परवेज खान, छोटेलाल सिंह, विरेन्द्र कुमार पाण्डेय, विजय प्रकाश मिश्र, रोहित चौबे, विनोद कुमार सिंह, जुबेर अहमद, अरूण कुमार यादव, संजय शुक्ला, सन्तोष कुमार, प्रेम प्रकाश मिश्र, मो.रऊफ खान, पंकज वर्मा, श्रमित उपाध्याय, सन्दीप यादव, राजेश कुमार विश्वकर्मा, ओमकार यादव, कमलेश मिश्रा, श्री नाथ प्रसाद, रामस्वारथ गुप्ता, पंकज कुमार प्रजापति, मकरन्द कुमार मखमेलपुरी, नीरज, रामदुलार यादव, राहुल कुमार, ओम प्रकाश यादव व अन्य लोग उपस्थित रहे।क्योंकि समस्याएं तो हैं ही,इसलिये कभी न कभी इन लोगों के प्रयासों की चिंगारी विकराल रूप लेगी जिसे दमन कर पाना बेपरवाह  प्रशासन और बहरी बनी सरकार के लिये बहुत ही मुश्किलों भरा होगा।

रिपोर्टर

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