के टी, के संरक्षक जी के शर्मा ने जननायक कर्पूरी ठाकुर को किया माल्यार्पण

नई दिल्ली  : भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की 37वीं पुण्यतिथि पर सामाजिक न्याय आंदोलन के टी संरक्षक जी के शर्मा ने देश के शोषित वंचितों पिछड़ी अति पिछड़े दलित अति महादलित आदिवासियों को सामाजिक न्याय के पुरजोधा के आत्मा की शांति के लिए उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए सामाजिक आर्थिक राजनैतिक शैक्षिक आजादी के लिए उन्होंने अपने शादगी जीवन के साथ बिहार के मुख्यमंत्री रहते हुए शोषित और वंचितों के लिए काम किया संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने संविधान को लिखते हुए पूरे देश में समानता की लड़ाई लड़ते हुए संविधान के अनुच्छेद 340 के तहत जननायक कर्पूरी ठाकुर जी ने सामाजिकता की लड़ाई लड़ते हुए बिहार के तमाम अति पिछड़े शोषित वंचितों के लिए कहा था कि सामंतवाद से लड़ने के लिए प्रत्येक के हाथ में बंदूक का लाइसेंस दे देना चाहिए और उन्होंने बिहार में एक ऐसा ऐतिहासिक कार्य किया है जिसे पूरे देश को अमल में लाना चाहिए और पिछड़ी जातियों को एकजुट होकर सामाजिक नेता सामाजिक चिंतक  भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर के बने हुए फार्मूले को पूरे भारत में कर्पूरी ठाकुर फार्मूले के नाम से लागू करवाना चाहिए जिसको सामाजिक न्याय आंदोलन के टी अपने साथ कई सामाजिक संगठनों के साथ देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन देकर यह मांग किया है कि रोहिणी आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक करते हुए जननायक कर्पूरी ठाकुर फार्मूले पर आधारित लागू किया जाए ।

जिससे संविधान के अनुच्छेद 330 के तहत लाभ पाने वाले लोगों की तरह अनुच्छेद 340 अति पिछड़ी जातियों के लाभ प्राप्त हो सके उन्होंने कहा कि उनके पुत्र सांसद रामनाथ ठाकुर जी जो इस वर्तमान शासन सत्ता में है कैबिनेट के मंत्री भी हैं उन्हें जननायक के सपने को साकार करने के लिए सरकार से वार्ता करनी चाहिए और समाज के बीच अति पिछड़ो के दुख दर्द को लेकर आना चाहिए यदि रामनाथ पूरे भारत में जन नायक जी के सपने को साकार करने के लिए पिछड़े अति पिछड़े समाज के बीच राष्ट्रीय नेता के रूप में आ जाए तो जननायक का सपना साकार हो सकता है तभी उनको सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकेगी भारत देश में कर्पूरी ठाकुर जिस कुल में जन्म लिए जननायक उसे समाज की स्थिति आज बहुत ही दायिनी है लेकिन प्राचीन में यह इस देश के राजा रहे हैं और आज भी तमाम पार्टियों तमाम राजनीतिज्ञों के सलाहकार भी लोग हैं दक्षिण भारत में पूर्व मुख्यमंत्री करुणा निधि के पुत्र एमके स्टालिन भी आप ही के समाज से आते हैं जो दक्षिण भारत में 69% पिछड़ी जातियों को आरक्षण देकर दलित शोषितों वंचितों को अधिकार दिलाया है वह दक्षिण भारत के लोकप्रिय नेता हैं उत्तर भारत के लोग आज भी एमके स्टालिन की तरफ एक आशा और उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं कि यदि एमके स्टालिन देश के प्रधानमंत्री होते तो पूरे देश में शोषित वंचितों की सरकार होती और सभी को अधिकार प्राप्त होता ऐसे में सभी छोटी-बड़ी पार्टियों के लोगों को एमके स्टालिन को अपना नेता मान लेना चाहिए जिससे देश का कल्याण हो सकेगा और आज इस देश को गुजरात मॉडल की जरूरत नहीं है इस देश को तमिलनाडु मॉडल की आवश्यकता है देश की 90% आबादी को एकजुट होकर यह के स्टालिन को तमिलनाडु मॉडल लेकर आने के लिए लामबद्ध होना बहुत जरूरी है कोटि-कोटि नमन भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर के चरणों में।

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