
भिवंडी मनपा प्रशासन उर्दू प्राइमरी स्कूलों को तबाह करने में जुटा, 464 कक्षाओं में 420 शिक्षक अध्यापन की जिम्मेदारी निभाएंगे
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Aug 26, 2021
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भिवंडी।। भिवंडी मनपा प्रशासन उर्दू प्राथमिक विद्यालयों को बहुत ही खामोशी से बंद करने की योजना पर काम कर रहा है। प्रदेश के अन्य जिलों में बड़ी संख्या में यहां के उर्दू शिक्षकों का स्थानांतरण कर प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने का प्रयास किये जा रहे है। जिसको लेकर अभिभावकों और शहर के नागरिकों में रोष व्याप्त है।
गौरतलब है कि 25 सितंबर 2018 को शिक्षा विभाग के तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी बीएस मोहिते ने बड़ी ही खामोशी से 105 शिक्षकों के तबादले का प्रस्ताव मनपा आयुक्त को भेजा था और उस समय मनपा प्रशासन ने एक दर्जन शिक्षकों के साथ गठजोड़ कर उनका स्थानांतरण कर दिया था मगर सबसे मजेदार बात यह है कि उसी प्रस्ताव में 100 शिक्षकों की कमी का भी ज़िक्र मोहिते ने अपनी रिपोर्ट मे किया था मगर उसके बाद भी शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया। इस खबर के सामने आने पर नागरिकों और शिक्षा से जुड़े संगठनों ने मनपा प्रशासन पर गम्भीर आरोप लगाया था जिसके बाद तत्कालीन मनपा आयुक्त मनोहर हिरे ने 8 जनवरी 2019 को आपात स्थिति में छात्रों की संख्या जानने के लिए एक टीम गठित की और मनपा के सभी 48 उर्दू प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की संख्या की गिनती कराया उस रिपोर्ट के अनुसार उर्दू प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या 17135 थी मगर 13970 विद्यार्थी उपस्थित पाये गये जबकि उस दिन गैर हाजिर रहने वाले विद्यार्थियों की संख्या 2091 तथा लगातार विद्यालय न आने वाले विद्यार्थियों की संख्या 1081 थी । उसके बाद भी शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया अवैध तरीके से चल रही थी जिसके बाद महासभा ने अक्टूबर 2019 में शिक्षकों के स्थानांतरण पर रोक लगाते हुए यह प्रस्ताव को मंजूर किया कि पवित्र पोर्टल से शिक्षकों के तैनाती के तबादला होगा मगर मनपा ने अभी तक पवित्र पोर्टल से शिक्षकों की मांग न करते हुए भी स्थानांतरण क्रिया जारी रखे हुए है. मनपा सूत्रों के अनुसार, मनपा के शिक्षा विभाग द्वारा संचालित 48 उर्दू प्राथमिक विद्यालयों में वर्ष 2020-21 की सूची के अनुसार शिक्षकों की संख्या 496 थी जिसमें 4 सेवानिवृत्त 3 की मृत्यु और दो शिक्षक पिछले एक दशक से विद्यालय नहीं आ रहे हैं और 42 शिक्षकों को प्रधानाध्यापक के रूप में पदोन्नत किया गया है. कुल शिक्षकों की संख्या 444 शिक्षक होने के बाद भी लगभग दो दर्जन शिक्षकों का स्थानान्तरण 2020 से अगस्त 2021 के बीच राज्य के अन्य जिलों में कर दिया गया है। अब शिक्षकों की संख्या 420 के आसपास है लेकिन उसके बाद भी मनपा का शिक्षण विभाग उर्दू शिक्षकों की संख्या ज्यादा बताकर स्थानांतरण की फाइलों को मंजूरी दिलाने का प्रयास कर रहा है। शिक्षा विभाग में प्रशासनिक अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे विजय शिरसाठ लगातार तबादले को जायज ठहराने का प्रयास कर रहे हैं. जबकि सर्व शिक्षा अभियान के कनिष्ठ अभियंता पुरुषोत्तम चिलका ने बताया कि यू डाइस के अनुसार मनपा के 48 उर्दू प्राथमिक स्कूलों में 464 कमरे है अब सवाल यह पैदा होता है कि यदि सरकार के वन रूम वन टीचर के जीआर का पालन किया जाता है तो शिक्षकों की संख्या लगभग 40 कम हो जाएगी और छात्रों के अनुपात के अनुसार यह संख्या काफी ज्यादा कम है ।मजदूर बाहुल शहर में के मनपा के उर्दू स्कूलों को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है जबकि मनपा आयुक्त सुधाकर देशमुख को भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा तबादले की मंजूरी लेने के लिए उन्हें गुमराह करने वाली जानकारी दी गई है जबकि हकीकत इसके उलट है. सामाजिक संस्था ऑपरेशन मुक्त भिवंडी के अध्यक्ष डॉ. शफीक सिद्दीकी ने मनपा के इस कदम की कड़ी निंदा की और मामले की गंभीरता को देखते हुए जनप्रतिनिधियों से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए राज्य सरकार से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग किया है इस संबंध में शिक्षा विभाग के प्रभारी विजय शिरसाठ को कई बार फोन किया लेकिन उन्होंने कॉल का जवाब नहीं दिया.
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