प्रदूषित तालाब की दर्जनों शिकायत के बाद जागी पालिका, आयुक्त ने किया तालाब के सफाई का निरीक्षण

भिवंडी।। शहर के लाखों नागरिकों का प्यास बुझाने वाला वाराला तालाब आज अपनी दुर्दशा का शिकार हो चुका है। वही तालाब का पानी हरा होने से आस पास परिसर में बदबू फैली रहती है। तालाब का शुद्धीकरण व सफाई करवाने के लिए कामतघर गांव के नागरिकों सहित स्थानीय शिवसेना नगरसेवक व पूर्व उप महापौर मनोज काटेकर ने तालाब का अधिग्रहण समाप्त कर पुनः कामतघर गांव को सौपने की मांग आयुक्त सुधाकर देशमुख से की थी। इसके साथ ही फेना पाडा व कामतघर गांव निवासियों ने मिलकर तालाब में फैले हरे रंग की चादर व गंदगी को नाव व जाल के माध्यम से बाहर निकालना शुरू किया था। नागरिकों की मांग और पत्रकारों द्वारा बार बार इस प्रकरण पर सवाल उठाने के कारण नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों ने तालाब में जेसीबी के माध्यम से कचरा निकालना शुरू किया। इस तालाब से अभी तक हजारों टन कचरा निकाला जा चुका है। इस कचरें में कई हिन्दू देवी देवताओं की खंडित मूर्ति भी बरामद हुई है।
आज पालिका आयुक्त सुधाकर देशमुख ने शहर अभियंता, पानी पुरवठा व प्रदूषण विभाग के अधिकारियों की टीम के साथ इस तालाब के कामतघर घाट, वाराला घाट आदि अन्य घाटों को दौराकर सफाई का निरीक्षण किया। आयुक्त के आदेशानुसार विशिष्ट प्रकार के पोकलेन मशीन के सहायता से सफाई अभियान शुरू किया गया है। वही पर आयुक्त ने कहा कि जल्द ही इसकी सफाई पूरी कर ली जायेगी। जब तक तालाब का पानी प्रदूषित मुक्त नहीं होगा तब तक सफाई अभियान चालू रहेगा। इस अवसर पर शहर अभियंता लक्ष्मण गायकवाड, महाविद्यालय के इस विषय के जानकार प्राध्यापक डॉ.काकवीपुरे,प्रदूषण विभाग प्रमुख नितेश चौधरी आदि अधिकारी मौजूद थे।

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