
भिवंडी मनपा क्षेत्र अंर्तगत 894 इमारतें जर्जर
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- May 10, 2022
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भिवंडी।। भिवंडी निजामपुर शहर महानगर पालिका मानसून के पहले जर्जर व अति जर्जर इमारतों को वार्ड स्तर पर निरीक्षण करवाकर जर्जर इमारतों की यादी पालिका के वेबसाइट पर प्रसिद्ध किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पालिका प्रशासन इस वर्ष कुल 894 इमारतों को जर्जर व अति जर्जर की श्रेणी में रखा है। जो पिछले वर्ष की तुलना में 349 कम है। पिछले वर्ष 1243 इमारतों को जर्जर व अति जर्जर घोषित किया गया था। इस वर्ष के आंकड़े में पिछले वर्ष की 349 इमारतो की दुरुस्ती, मरम्मत अथवा निष्कासित करने की जानकारी पालिका प्रशासन ने उपलब्ध नहीं करवाई है। जिसके कारण इस वर्ष जारी आंकड़े संदेहास्पद व संदिग्ध नजर आ रहे है। जर्जर व अति जर्जर इमारतों का सर्वेक्षण कर गंभीर अवस्था में जर्जर इमारतों को तत्काल निष्कासित करने के लिए (सी -1), इमारत खाली कर मरम्मत करने के लिए (सी - 2 अ), इमारत खाली ना करवाकर मरम्मत करने को (सी - 2 ब) और मामूली मरम्मत करने वाली इमारतों को (सी - 3) की श्रेणी में रखा गया है। तदनुसार महानगर पालिका ने इस वर्ष सी - 1 में 346, सी - 2 अ में 332, सी - 2 ब में 191 और सी - 3 में 25 कुल 894 इमारतों का समावेश किया है। इस आंकड़े में सबसे ज्यादा प्रभाग समिति क्रमांक तीन अंर्तगत 361 इमारतें जर्जर व अति जर्जर घोषित की गयी है। जिलानी बिल्डिंग हादसे के बावजूद पालिका प्रशासन द्वारा जर्जर व अति जर्जर इमारतों पर कठोर कार्रवाई नहीं से आज भी मकान गिरने का सिलसिला जारी है। जिसके कारण पिछले कुछ माह में दिवानशाह आजमी नगर परिसर के दो मकान गिरने के कारण एक व्यक्ति की मौत और शांतिनगर के आजाद नगर परिसर में मकान का कुछ हिस्सा गिरने के कारण एक महिला कुल दो लोगों की मौत हो गयी। वही पर प्रभाग स्तर पर जर्जर इमारतों को मरम्मत परमिशन में भारी भष्ट्राचार होने के पूराने मकान मालिक अपने मकानों को जानबूझकर मरम्मत नहीं करवाते। जिसके कारण गाहे-बगाहे हादसे होते रहते हैं।
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