कचरे के ढेर में आग लगाकर किया जा रहा है नष्ट्र

भिवंडी।। भिवंडी शहर महानगर पालिका में कचरा ढुलाई करने वाली निजी कंपनी की लापरवाही से शहर के विभिन्न कचरा पाॅइंटों पर कचरा का ढेर लगा है। नागरिक व सफाई कर्मचारी इन कचरे के ढेर में आग लगाकर नष्ट्र कर रहे है। प्रतिबंधित प्लास्टिक के थैलियों में स्थानीय रहिवासी कचरा डालकर सड़क व चौराहे के बगल बने कचरा पॉइंटों पर फेक जाते है इन थैलियों में कचरा भरा होने से दुर्गंध फैलती रहती है। हालांकि प्लास्टिक की थैलियों के इस्तेमाल व बिक्री पर पाबंदी होने के बावजूद शहर में खुलेआम प्लास्टिक थैलियों की बिक्री व इस्तेमाल किया जा रहा है। इन्हीं थैलियों का इस्तेमाल नागरिक द्वारा किया जा रहा है। बतादें कि शहर में निश्चित किये गये 384  कचरा पाॅइंटों पर लगभग चार सौं टन कचरा दररोज इकट्ठा होता है। इन पाॅइंटो से कचरा उठाने का ठेका पालिका प्रशासन ने आर.एन. इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट नामक कंपनी को दिया है यही नहीं पालिका प्रशासन ने मात्र एक रूपये के वार्षिक भांडे पर अपने 10 करोड़ रूपये कीमत के 50 घंटा गाडियां, 23 रेफ्युज कलेक्टर, जेसीबी व अन्य साहित्य भी दे दी है। इसके आलावा कचरा उठाने के एवज में कंपनी को 1229 रूपये प्रति टन से हिसाब से बिल का भी भुगतान करती है। किन्तु निजी ठेकेदार की लापरवाही से दररोज कचरा पाॅइंटों पर कचरे के ढेर से निकलने दुर्गंध के कारण नागरिकों के स्वास्थ्य का खतरा बना हुआ है। अधिकांश जगहों पर दो से तीन दिनों तक कचरा उठाया नहीं जाता है। जिसके कारण नागरिकों को नाक व मुंह पर रूमाल रखकर आना जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।  इस समस्या को देखते हुए नागरिक भी कचरें के ढेर में आग लगाकर नष्ट्र कर रहे है। इस संबंध में मुख्य सफाई अधिकारी जे.एम सोनवणे से संपर्क किया गया किन्तु उनका मोबाइल नेटवर्क क्षेत्र से बाहर होने के कारण संपर्क नहीं हो सका।

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