ग्राम पंचायत चुनाव में भाग लेने वाले पुलिस पाटिल बर्खास्त।

भिवंडी।। ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस प्रशासन और नागरिकों के बीच एक कड़ी के रूप में कार्य करने वाले पुलिस पाटिल से अपेक्षा की जाती है कि वह निष्पक्ष हो और किसी भी राजनीतिक प्रकृति उसका जुड़ाव ना हों। एक ऐसे ही पुलिस पाटिल को ग्राम पंचायत चुनाव में सहभागी होने के शिकायत के बाद भिवंडी उपविभागीय अधिकारी ने जांच करने के बाद दोषी पाने पर उसे पुलिस पाटिल की सेवा पद से बर्खास्त कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार भिवंडी के पिसे चिराड पाडा ग्राम पंचायत 2020 चुनाव में मसौदा मतदाता सूचियों की घोषणा की गई थी। इस गांव में पुलिस पाटिल के पद पर कार्यरत भाऊ लहु शेलार ने चुनाव प्रक्रिया में भाग नहीं लेने के लिए बाध्य थे। किन्तु उन्होंने कुछ नागरिकों के सहयोग से मतदाता सूची को लेकर तहसीलदार के पास आपत्ति दर्ज करायी थी। इस संबंध में तत्कालीन सरपंच व शिवसेना उद्धव ठाकरे गट के तालुका उप प्रमुख विजय पाटिल ने भिवंडी उप विभागीय अधिकारी के पास शिकायत दर्ज करवाया था। जिसकी जांच तहसीलदार कार्यालय में चल रही थी। तहसीलदार अधीक पाटिल ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद साक्ष्यों के अनुसार अपनी जांच रिपोर्ट उपविभागीय अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की। उप विभागीय अधिकारी बालासाहेब वाकचौरे ने पाया कि भाऊ लहु शेलार व अन्य ग्रामीणों द्वारा जमा किये गये पिसे चिराडपाडा ग्राम पंचायत मतदार यादी संबंधी हरकती अर्ज  दिनाॅक 2 दिसम्बर 2020 को सादर किया था। इससे यह प्रतीत होता है कि भाऊ लाहु शेलार पुलिस पाटिल के पद पर रहते हुए भी चुनाव में भाग लिया था। इसलिए महाराष्ट्र सिविल सेवा (आचरण) नियम 1979 की धारा 5 के तहत कोई भी सरकारी सेवक विधान सभा या स्थानीय प्राधिकारी या किसी चुनाव में प्रचार या हस्तक्षेप नहीं कर सकता है या अपना वजन खर्चा कर नहीं सकता है या चुनाव में भाग नहीं ले सकता है।  इस प्रकार की नियमावली है। किन्तु इस नियमावली के विपरीत भाऊ लहु शेलार ने ग्राम पंचायत चुनाव में भाग लिया। जिसे दोषी पाने पर उपविभागीय अधिकारी बालासाहेब वाकचौरे ने भाऊ लहु पाटिल को पुलिस पाटिल के पद से बर्खास्त कर दिया है। 

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