दूर्षित पानी पीने के लिए नागरिक मजबूर

टैंकरों से हो रही पानी की सप्लाई, वाराल तालाब का पानी पीने योग्य नहीं

भिवंडी।। भिवंडी शहर महानगर पालिका क्षेत्र अंर्तगत अक्टूबर माह में पानी की घोर किल्लत हो गई है। इस किल्लत को देखते हुए पालिका प्रशासन के जलापूर्ति विभाग द्वारा वाराला देवी का दूषित पानी टैंकरों में भर कर कई इलाकों में सप्लाई किया जा रहा है. हालांकि गत दिनों सामाजिक कार्यकर्ता सांईनाथ पवार ने वाराला देवी तालाब का पानी एक निजी लैब में टेस्ट कराया था। इस टेस्ट की रिपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी कि वाराला तालाब पानी पीने योग्य नहीं है। इसके बावजूद पालिका प्रशासन के जलापूर्ति विभाग ने इस दूषित पानी को कई इलाकों में सप्लाई करता आ रहा है। 

गौरतलब हो कि भिवंडी पालिका क्षेत्र अंर्तगत दररोज स्टेम प्राधिकरण द्वारा 73, मुंबई महानगर पालिका 42 और वाराला तालाब से 5 कुल 120 एम एलटी पानी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई की जाती है। किन्तु त्यौहारों का मौसम आने पर पालिका प्रशासन द्वारा पानी की कटौती का ऐलान कर दिया जाता है। शहर के जन प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता व स्थानीय नेताओं द्वारा कभी भी इस गंभीर समस्या के बारे में पालिका प्रशासन से जवाब तलब नहीं किया । 

भिवंडी शहर एकलौता शहर है जहां पर रात 2 बजे पानी आता है। महिलाएं रात भर जाग कर पानी का इंतजार करती है। यही नहीं पानी कम दाब में आने के कारण कभी - कभी रात भर जागने के बावजूद पानी से वंचित रह जाती है। शहर के प्रभू आली मंडई,सौदागर मोहल्ला, निजामपुरा, अजय नगर, खड़क पाडा, शिवाजी चौक परिसर, नझरान परिसर, कोंबडपाड़ा, आर्दश पार्क, नारपोली, अजमेर नगर, मंगल बाज़ार स्लैब परिसर आदि इलाको में नियमित रूप से पानी की सप्लाई नहीं होने से नागरिकों में घोर नाराज़ी व्याप्त है। कई पूर्व पार्षदों द्वारा अपने अपने क्षेत्रों में टैंकरों द्वारा पानी की सप्लाई की जा रही है। शहर के शांतिनगर,गायत्री नगर, नागांव,रामनगर, दरगाह, आजमी नगर आदि परिसर में पूर्वकाल में टैंकर द्वारा पानी सप्लाई की जाती थी किन्तु उक्त इलाकों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विकास कार्य कर लोगों के घरों तक पानी पहुँचाया। जिसके कारण पानी की समस्या का समाधान हो चुका है। किन्तु वही शहर के पोश इलाके अजय नगर,निजामपुरा, नारपोली आदि परिसर में पानी की समस्या उत्पन्न हो चुकी है। जिसके कारण पालिका प्रशासन द्वारा 15 से अधिक टैंकरों द्वारा इस क्षेत्र में पानी सप्लाई की जा रही है। 

पालिका ने नागरिकों के लिए अजीबोगरीब नियम लागू कर रखा है कि पानी आऐ अथवा ना आऐ, नल कनेक्शन हो अथवा ना हो। अगर आप घर में रहते है आपका हाउस टैक्स लगा है। तो  पानी टैक्स देना अनिवार्य है। यही नहीं हाउस टैक्स में अलग से पानी का भी टैक्स जोड़ कर हाउस टैक्स के साथ वसूल किया जाता है। इसके बावजूद पानी ना मिले तो यह सवाल उठता है कि जनता शिकायत करने किसके पास जायें ।

रिपोर्टर

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