
भिवंडी में पावर लूम बंद के खिलाफ मजदूर संघ आक्रामक
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Nov 02, 2023
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प्रांत अधिकारी को दिया मांगो का ज्ञापन
भिवंडी।। शहर में पावर लूम मालिकों ने अचानक अपने श्रमिकों को बिना कोई पूर्व सूचना दिये और उनकी आजीविका की चिंता कियें बिना अपने पॉवर लूम मशीनें बीस दिनों के लिए बंद करने का फैसला किया है। सीटू संलग्न लाल बावटा पावरलूम वारपार एवं असंगठित कामगार यूनियन की ओर से पॉवर लूम मालिकों द्वारा लिये गये इस फैसले के खिलाफ बुधवार को भिवंडी प्रांत अधिकारी को ज्ञापन देते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया है। काॅ.सुनील चव्हाण ने बताया कि लाल बावटा पावरलूम वारपर एवं असंगठित कामगार यूनियन की ओर से मोर्चा निकाला जाना था लेकिन पूरे राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था के कारण मोर्चा रद्द कर दिया गया और मजदूरों की मांगों का निवेदन प्रांत कार्यालय में दिया है।
भिवंडी में सात लाख से अधिक पावरलूम कारखाने है और दिवाली के दौरान पॉवर लूम मालिकों द्वारा अपने कारखाने बंद करने के इस फैसले से श्रमिकों में नाराजगी व्याप्त है। पॉवर लूम मालिकों द्वारा लिये गये इस फैसले के खिलाफ पावरलूम वारपर और असंगठित कामगार यूनियन लाल बावटा यूनियन के अध्यक्ष कॉ. सुनील चव्हाण ने कड़ा रुख अपनाया और भिवंडी प्रांत कार्यालय में एक निवेदन देकर सरकार के सामने श्रमिकों का पक्ष रखा। यह निवेदन प्रांत अधिकारी की अनुपस्थिति में नायब तहसीलदार चंद्रकांत राजपूत ने स्वीकार किया है।
पॉवर लूम कारखानों को बंद करने से पहले मालिकों को सभी मजदूरों को एक माह का वेतन देना चाहिए। मजदूरों को गांव जाने के लिए अतिरिक्त गाड़ियां मुहैया करानी चाहिए, जो मजदूर गांव नहीं जा रहे है उनके लिए मालिकों को खाने-पीने की व्यवस्था करनी चाहिए। श्रम कानून के अनुसार श्रमिकों को सुविधाएं न देने वाले पॉवर लूम कारखाना मालिकों को दी जाने वाली बिजली दरों में सरकारी रियायतें व रियायतें बंद की जानी चाहिए। सरकारी नियमों के अनुसार पॉवर लूम कारखाने के बाहर पंजीकृत प्रतिष्ठान के दर्शनीय भाग में सूचना पट्ट जिसमें कारखाना मालिक का नाम, श्रमिकों की संख्या और प्रतिष्ठान का पूरा पता अंकित किया जाना चाहिए। पॉवर लूम मालिकों द्वारा श्रमिकों को श्रम कानून के तहत सभी सुविधाएं देने की मांग से भरा निवेदन पत्र काॅ. सुनील चव्हाण ने प्रांत कार्यालय में सादर किया है। इसके साथ उन्होंने कहा कि अगर पॉवर लूम मालिकों द्वारा कर्मचारी संगठनों से बातचीत कर इन मांगों को पूरा किया जाता है तो श्रमिक भी मालिकों द्वारा इस पॉवर लूम बंद आंदोलन का समर्थन करेंगे। अन्यथा श्रमिक आंदोलन तीव्र जारी रखा जायेगा।
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