भिवंडी पश्चिम विधानसभा सीट से लड़े विलास आर. पाटिल विधायकी का चुनाव भावी व पूर्व विधायकों में हड़कंप

भिवंडी। भिवंडी निजामपुर शहर महानगर पालिका की स्थापना के बाद से ही कोणार्क विकास आघाड़ी के माध्यम से एक अलग पहचान बनाकर राजनीति में दबदबा बनाने वाले पूर्व महापौर विलास आर.पाटिल पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ने के लिए घोषणा की है। इस घोषणा के बाद भिवंडी पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के कई भावी व पूर्व विधायकों में हड़कंप मचा है।

गौरतलब हो की 2002 से 2022 तक 20 वर्षों के दौरान स्वयं एक बार महापौर, उनकी पत्नी सौ.प्रतिभा विलास पाटिल दो बार महापौर व उनके गट की यशश्री कडू एक बार महापौर रही है। कोणार्क विकास आघाड़ी के पास पर्याप्त बहुमत होने के बावजूद दस वर्षो तक सत्ता पर काबिज रहे और शहर के अनेक विकास कार्यों को अंजाम दिया। पत्रकार परिषद के दरमियान उन्होंने बताया की वह सभी पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं से उनके अच्छे संबंध है। वह अपने तीस वर्ष के राजनीतिक कैरियर को लेकर महाविकास आघाडी कांग्रेस,राकांपा शरद पवार गट और शिवसेना उद्धव ठाकरे गट के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है और विश्वास किया है की उनकी कुशल राजनीति, नेतृत्व व सामाजिक कार्यो को देखते हुए उन्हें ही उम्मीदवारी मिलेगी।

महानगर पालिका अथवा पूर्ववर्ती भिवंडी नगर पालिका में वर्ष 1990 से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे विलास आर.पाटिल को राजनीतिक विरासत अपने पिता आर. आर. पाटिल से मिली है उनके पिता स्वं. आर.आर.पाटिल जिला परिषद की राजनीति में दस वर्षों तक बांधकाम समिति के सभापति के पद पर थे। विलास आर.पाटिल ने अपने राजनीतिक जीवन में किसी पार्टी में प्रवेश ना करते हुए अपनी कोणार्क विकास आघाडी का गठन किया.हालांकि पालिका चुनाव में कभी भी पूर्ण बहुमत ना मिलने के बावजूद अलग अलग पार्टियों के मिलाकर लगभग 10 वर्षो तक महापौर पद पर असीन रहे और शहर के विकास के लिए काई महत्वपूर्ण फैसले लिये तथा उन्हें अंजाम तक भी पहुँचाया। विलास पाटिल ने ही चैलेंज ट्रॉफी के माध्यम से भिवंडी शहर में भव्य क्रिकेट टूर्नामेंट की शुरुआत की। सत्ता में रहने के दौरान भिवंडी शहर में विभिन्न विकास कार्यों के जरिए अपना जनसंपर्क बढ़ाया और इसी के चलते आखिरकार विलास आर.पाटिल ने विश्वास जताया है कि भिवंडी पश्चिम विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरेगे और सफलता भी मिलेगी।

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