
मकर संक्रांति पर नायलॉन मांजा के उपयोग पर रोक
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Dec 03, 2024
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भिवंडी। भिवंडी-निजामपुर शहर महानगर पालिका प्रशासन ने मकर संक्रांति के दौरान पतंग उड़ाने के लिए उपयोग किए जाने वाले प्लास्टिक और कृत्रिम धागे, जिसे आमतौर पर "नायलॉन मांजा" कहा जाता है, पर प्रतिबंध लगाया है। यह कदम पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 5 के तहत उठाया गया है, ताकि मानव जीवन, पक्षियों और पर्यावरण को होने वाले खतरों को रोका जा सके।
नायलॉन मांजा के कारण हर साल मकर संक्रांति के दौरान पक्षी और इंसान गंभीर रूप से घायल हो जाते है और कई बार ये चोटें जानलेवा भी साबित होती हैं। इसके अलावा, यह अविघटनशील धागा मिट्टी और पानी की गुणवत्ता को नुकसान पहुंचाता है और पशु-पक्षियों के जीवन के लिए खतरनाक साबित होता है। नायलॉन मांजा के उपयोग से बिजली के तारों में घर्षण के कारण आग लगने, उपकरणों के खराब होने और उपकेंद्रों के बंद होने जैसी दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं।
पालिका प्रशासन ने पतंग उड़ाने के लिए सुरक्षित और पारंपरिक धागों के उपयोग की अपील की है। साथ ही, सभी थोक और खुदरा विक्रेताओं को नायलॉन मांजा का स्टॉक तुरंत हटाने और इसकी बिक्री बंद करने के निर्देश दिए गए है। पालिका ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी इन निर्देशों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ महाराष्ट्र प्लास्टिक और थर्मोकोल (उत्पादन, उपयोग, बिक्री, परिवहन, भंडारण) अधिनियम, 2018 के तहत दंडात्मक कार्रवाई और आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। महानगरपालिका के आयुक्त अजय वैद्य ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे मकर संक्रांति जैसे पवित्र त्योहार को सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाएं और नायलॉन मांजा का उपयोग पूरी तरह से बंद करें।
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