सार्वजनिक मूत्र विसर्जन शौचालयों की कमी से नागरिकों में आक्रोश

मुख्यालय की दीवार पर पेशाब कर रहे लोग


भिवंडी। भिवंडी-निजामपुर शहर महानगर पालिका क्षेत्र में सार्वजनिक मूत्र विसर्जन की उचित व्यवस्था न होने के कारण नागरिकों में भारी असंतोष पनप रहा है। खासकर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि अब लोगों ने भिवंडी महानगर पालिका के मुख्य इमारत की चारदीवारी पर ही पेशाब करना शुरू कर दिया है।

शहर में लगातार बढ़ती जनसंख्या और बाहरी नागरिकों की आमद के कारण सार्वजनिक सुविधाओं की मांग बढ़ गई है। रोज़गार, ख़रीदारी और शासकीय कार्यों के लिए भिवंडी आने वाले हजारों लोगों को सार्वजनिक मूत्र विसर्जन की सुविधा नहीं मिलती। इससे न केवल असुविधा होती है, बल्कि शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलती जा रही है।

 पालिक प्रशासन ने शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए आरोग्य व स्वच्छता विभाग के माध्यम से दंडात्मक कार्रवाई हेतु एक निजी कंपनी को ठेका दिया है। इस कंपनी को शहर में खुले में गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी थी, लेकिन सूत्रों के अनुसार यह ठेकेदार केवल प्रतिबंधित प्लास्टिक बेचने वाले विक्रेताओं से उगाही करने में व्यस्त है।

हालांकि पालिका ने इस ठेका कंपनी पर नियंत्रण के लिए जे.एम. सोनवणे नामक एक अधिकारी की नियुक्ति की है, लेकिन परिणाम अब तक नगण्य हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि आरोग्य व स्वच्छता विभाग के कुछ अधिकारी और नियंत्रण अधिकारी स्वयं इस कंपनी को संरक्षण प्रदान कर रहे हैं, जिससे यह कंपनी मनमानी करने में सक्षम हो गई है। शहर के तीनबत्ती,मंडाई, धामणकर नाका, कल्याण नाका, जकात नाका, अंजूर फाटा, शिवाजी चौक, बंजारपट्टी नाका, पद्ममानगर सब्जी मार्केट, कल्याण नाका से भिवंडी एस डी बस डिपों रोड़, मनपा मुख्यालय के आसपास आदि मुख्य स्थानों पर स्थिति और भी गंभीर है। नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक शौचालयों की तत्काल व्यवस्था की जाए और ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई हो, अन्यथा आंदोलन किया जाएगा। पालिक प्रशासन के उदासीन रवैये से नागरिकों में गहरा रोष है, और यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।

रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट