केमिकल युक्त पानी छोड़े जाने से कामवारी नदी की मछलियाँ मरी

भिवंडी।। तालुका के निबंवली ग्राम पंचायत सीमाओं के भीतर बड़े पैमाने पर रसायन बनाने की कंपनियाँ सहित रसायनिक गोदाम स्थापित है. इनका विस्थापित केमिकल युक्त पानी सीधे कामवारी नदी में छोड़ा जाता है.जिसके कारण पर्यावरण की काफी हानि हो रही है।
           
भिवंडी तालुका में एकमेव  कामवारी नदी का उदगम तुंगारेश्वर के पहाड़ियों से हुआ है.इस पहाड़ी से निकलती हुई कामवारी नदी देपोली - साक्रोली ,लागज,पुडांस अनगांव, गोसाईं, कवाड ,शेलार खोणी, कारिवली, जु-नंदुरखी होते खारबांव के पास खाड़ी में समा जाती है। उक्त गाँवों में बड़े पैमाने पर किसान इसी नदी के पानी से अपनी खेती करते है.किन्तु निबांवली गांव में अवैध रूप से केमिकल बनाने की रसायनिक कंपनियाँ हैं और कुछ गोदामों में रसायन का भंडारण किया जाता है। इन रसायनिक कंपनी के अपशिष्ट रसायन युक्त पानी कामवारी नदी में छोड़े जाता है जिसके कारण भारी मात्रा में नदी से मछलियाँ मर रही है इसके साथ ही किसानों की खेती को भी नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कल्याण तथा भिवंडी तहसीलदार कार्यालय में इस संबंध में कई बार शिकायत दर्ज करवाया है.किन्तु उक्त रसायनिक कंपनियों पर कार्रवाई नहीं किया गया जिसके कारण आज लाखों करोड़ों की संख्या में कामवारी नदी से मछलियाँ मर रही है इस प्रकार का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है।।

रिपोर्टर

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