आदिवासी विकास महामंडल ने आदिवासी परिवार में वितरित किया सड़ा चावल

भिवंडी।। वैश्विक महामारी के कारण लगे लाॅक डाउन में रोजगार पूरी तरह से समाप्त हो गया था। जिसमें छोटे किसान व आदिवासी समाज को खाने के लिए कर्ज तथा राशन मुहैया करने की मांग श्रमजीवी संगठना द्वारा किया जा रहा था. इस मांग के बाद विवेक पंडित के आदिवासी विकास महा मंडल ने आदिवासी परिवारों में सड़ा चावल वितरित करने की घटना प्रकाश में आया है। जिसके कारण आदिवासी समाज में घोर नाराज़ी व्याप्त है।  

तादें कि भिवंडी तालुका के चिंबीपाडा आश्रम शाला में आदिवासी विकास महा मंडल शाहपुर द्वारा नांदा चिबींपाडा व कांबे तक आदिम ( कातकरी) समाज के प्रत्येक परिवार को 20 किलों चावल का वितरण किया गया.परन्तु वितरित किया गया चावल अत्यंत घटिया , निकृष्ट दर्जे के होने के कारण जानवर तक नहीं खा सकते है.इस चावल में कीटें दौड़ रहे है.जिसके कारण आदिवासी समुदाय में तीव्र आक्रोश फैला हुआ है.वही पर आरोप लगाया है कि इस महा मंडल के अधिकारियों द्वारा जानबूझकर आदिवासी समाज की अवहेलना किया गया।‌

इस प्रकरण से नाराज आदिवासी समाज द्वारा विकास महामंडल के महा व्यवस्थापक पर अत्यावश्यक वस्तु नियंत्रण कायदा नुसार फौजदारी का गुनाह दाखल करने की मांग किया जायेगा वही पर इस गंभीर प्रकरण के जिम्मेदार श्रमजीवी संघटना संघटना के संस्थापक व राज्य आदिवासी विकास समिति के अध्यक्ष विवेक पंडित का तत्काल राजीनामा देने की मांग आदिवासी संगठना ने राज्य के राज्यपाल भगतसिंह कोशारी से महादेव घाटाल ने किया है।

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