
2 -4 सौ रूपये की कमाई बनी मुसीबत 1000 दुकानों का अस्तित्व होगा समाप्त
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Oct 29, 2023
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शहर का नया डीपी प्लान दुकानदारों को सता रहा डर
भिवंडी।। भिवंडी शहर महानगर पालिका प्रशासन ने शहर के विकास व सुंदरता के लिए नया डीपी प्लान लांच किया है। डीपी प्लान लांच होते ही कई क्षेत्रों के दुकानदारों में हड़कंप मच गया है। लोगों द्वारा जगह जगह कॉर्नर मीटिंग आयोजित की जा रही है। प्रशासन द्वारा जारी नया डीपी प्लान का हल निकाला जा रहा है। कुछ स्थानीय नेताओं द्वारा अपनी राजनीतिक चमकाने और नागरिकों का सबसे बड़ा हितैषी होने का दावा किया जा रहा है। शहर के युटुब यानी फर्जी न्युज चैनलों पर अपना बयान जारी करवाकर अपनी राजनीतिक का तावा सेंक रहे है। सोशल मीडिया पर कई ऐसे लोगों का फोटो व वीडियो वायरल हो रहे है।
भिवंडी मनपा प्रशासन 15 दिन पहले आगामी 20 वर्षों के लिए नये शहर का डीपी प्लान प्रकाशित किया है। आगामी 10 नवंबर तक इस नये डीपी संबंधित सुझाव, आपत्तियां और शिकायतें नागरिक दर्ज करा सकते है। डीपी प्लान में शहर के अधिकांश सड़कों का चौड़ीकरण करने की योजना है। जिसके कारण सड़कों के किनारे बने लगभग एक हजार मकान व दुकानों का टूटना तय माना जा रहा है। जिससे भारी नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इसके लिए नागरिक व दुकानदार अब लामबंद होना शुरू कर दिया है। कॉर्नर मीटिंग व पालिका के इस नये डीपी प्लान के खिलाफ आन्दोलन करने की योजना बनाई जा रही है।
गैबीनगर, शांतिनगर क्षेत्रों में दुकानदारों द्वारा फुटपाथ व आधी सड़क कब्जा करने की कई शिकायतें पालिका प्रशासन को प्राप्त हुई है। इस क्षेत्र के अधिकांश दुकानदारों द्वारा अपनी दुकान के सामने एक के बाद एक ठेला गाडियां लगा कर प्रतिदिन के हिसाब से 200 से लेकर 400 रूपये तक किराये वसूल किया जाता रहा है। इसमें दुकानदारों को मोटी कमाई हो जाती थी। परन्तु ठेला गाडियों के कारण सड़क पर लंबा जाम लगता है। यही ठेला गाड़ियां अब दुकानदारों को मुसीबत बन चुकी है। कुछ स्थानीय नेता इन हाथ गाड़ियों का समर्थन करते है जिसके कारण पालिका प्रशासन के अधिकारी भी कार्रवाई करने से कतराते है। गैबीनगर शांतिनगर के अलावा नवी बस्ती, भादवड़ नाका, पाइप लाइन, पदमानगर, कामतघर, भंडारी कंपाउड, तीन बत्ती आदि क्षेत्रों में भी दुकानदारों का नया डीपी प्लान का डर सताने लगा है।
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