एक स्कूल एक शिक्षक की बी.एल.ओ.में ड्यूटी लगाने की मांग - पालिका उपायुक्त ( शिक्षण)

भिवंडी।। शिक्षकों की चुनावी ड्यूटी विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन के साथ खिलवाड़ है। आर.टी. ई. 2009 कायदानुसार शिक्षकों को अशैक्षणिक कार्य की सख्त मनाही आदेश पारित है परन्तु वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा शिक्षकों को बी.एल.ओ.का काम करने के लिए आदेश जारी किये जाते है। शिक्षकों अपना मूल कर्तव्य छोड़ कर बी.एल. ओ.की मीटिंग व फील्ड वर्क करना पड़ता है जो पूरी तरह असंवैधानिक है। भिवंडी मनपा के प्राथमिक शिक्षक समन्वय समिति ने पालिका उपायुक्त ( शिक्षण) कार्यालय में निवेदन पत्र देकर एक स्कूल एक शिक्षक बी.एल.ओ.में ड्यूटी लगाने तथा बाकी शिक्षकों को बी.एल.ओ.की ड्यूटी से मुक्त करने की मांग किया था।

पालिका के शिक्षण उपायुक्त दीपक झिंजाड ने 136 भिवंडी पश्चिम विधानसभा मतदार संघ एवं 137 भिवंडी पूर्व विधानसभा मतदार संघ के मतदार नोंदणी अधिकारी को पत्र देकर अवगत कराया है कि भिवंडी मनपा प्राथमिक शिक्षक विभाग में अपंग,मुख्याध्यापक, केन्द्र प्रमुख आदि शिक्षकों की संख्या 644 है। इसमें 410 शिक्षकों को मतदान केन्द्र स्तरीय अधिकारी नियुक्ति आदेश है। कुल 64 प्रतिशत शिक्षक बी.एल.ओ. ख़ातिर काम करने के लिए आदेश है। इसमें अधिकांश स्कूल ऐसे है जिसके संपूर्ण शिक्षकों को 6 मतदार नोंदणी अधिकारी यानी बी.एल.ओ. में कार्य करने के लिए आदेश जारी हुए है जिसके कारण शिक्षकों को स्कूल बंद करना पड़ेगा। विद्यार्थी शिक्षा से वंचित हो सकते हैं। इससे विद्यार्थियों के शैक्षणिक नुकसान होने वाला है। मुख्य निवडणूक अधिकारी के सूचनानुसार एवं बी.एल.ओ. की नियुक्ति नियामवली नुसार शिक्षक, अंगनवाडी, शिक्षिका/ कर्मचारी, पटवारी/ लेखपाल/ तलाठी, पंचायत सेक्रेटरी, व्हिलेज लेवल वर्कर, इलेक्ट्रीसिटी बिल वर्कर, पोस्टमैन, नर्स, हेल्थ वर्कर/ आशा वर्कर, कैन्ट्रक शिक्षक, मिड डे मिल वर्कर, मनपा टैक्स क्लर्क इत्यादि कर्मचारी बी एल ओ.के काम दिये जा सकते हैं। इसके साथ साथ उपायुक्त दीपक झिंजाड ने कहा कि न्यायालय व वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशानुसार कम से कम शिक्षकों को बी.एल.ओ.में काम हेतु  आदेश पारित किये जाये।

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