मुस्लिम मतों पर महाविकास आघाडी - MIM और आजाद उम्मीदवार सांबरे के बीच खींचतान

मुस्लिम वोटों का बंटवारा भाजपा को फायदा पहुंचाएगा

भिवंडी। भिवंडी लोकसभा सीट पर मुस्लिम समाज का वोट महत्वपूर्ण माना जाता है। इस लोकसभा निर्वाचन के भिवंडी पूर्व व पश्चिम विधानसभा सीटों के आलावा कल्याण पश्चिम विधानसभा सीट मुस्लिम वोटों का गढ़ माना जाता है लगभग 20 लाख 78 हजार वोटों वाली इस लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में लगभग साढ़े पांच लाख मुस्लिम मतदाता है जो कांग्रेस व राकांपा और सपा के परंपरागत वोट माने जाते है। इन्हीं वोटों में सेंधमारी करने के फिराक में आजाद उम्मीदवार निलेश सांबरे ने निगाहे बनाकर रखा हुआ है। मतदाताओं को लुभाने के लिए स्वयं घोषित कांग्रेसी उम्मीदवार बनकर लोगों को गुमराह करना शुरु कर दिया है। प्रचार रैलियों से लेकर जन सभाओं तक जीतने के बाद कांग्रेस पार्टी में शामिल होने का दावा करते फिर रहे है। भिवंडी लोकसभा सीट पर मुसलमानों का परंपरागत वोट कांग्रेस के पास रहा है। इसमें कुछ सपा ने भी कब्जा करके रखा हुआ है। महाविकास आघाडी द्वारा सुरेश म्हात्रे उर्फ बाल्या मामा को उम्मीदवार के रूप में पेश किया है। उत्सुकता है कि क्या मुस्लिम मतदाताओं को अपने पक्ष में अधिक मजबूती से लामबंद होने के लिए सक्षम होगें। वही पर आजाद उम्मीद ने मुस्लिम मतदाताओं पर दावा करने वाले आजाद उम्मीदवार ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानी एआईएमआईएम को तीन खेंमें में बंटवारा कर दो खेमा अपने में शामिल कर लिया है।जिसे देखते हुए मुस्लिम वोटों की जमकर खींचतान शुरू है। मुस्लिम वोट के बंटवारे से भाजपा के उम्मीदवार कपिल पाटिल को फायदा पहुँच सकता है। इस प्रकार की शहर में चर्चा व्याप्त है।

रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट