
आदिवासी विधवा महिला मुआवजा के लिए दर-दर भटकने पर मजबूर
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Sep 25, 2024
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अधिकारी पर धोखाधड़ी का आरोप
भिवंडी। भिवंडी तालुका के दुगाड गांव की निवासी आदिवासी विधवा महिला पार्वती कृष्णा वरखंडया पिछले 23 वर्षों से दिवंगत रमाकांत माणिक गुलवी के खेतों की देखभाल कर रही थीं।रमाकांत गुलवी ने उन्हें अपने खेत पर बने मकान में रहने की अनुमति दी थी और उक्त मकान पार्वती के नाम पर कर दिया था।पार्वती उक्त मकान की घरपट्टी भी अदा करती थीं।जिसकी गांव पंचायत में नोंद है और 8/अ का उतारा भी उनके नाम पर दर्ज है।हालांकि वडोदरा महामार्ग के विस्तार के कारण यह मकान बाधित हो रहा था और शासन के नियमानुसार पार्वती को मुआवजा मिलना था।सरकारी रिकॉर्ड में पार्वती के नाम पर 40,58,972 रुपये का मुआवजा दर्शाया गया था। लेकिन भिवंडी उपविभागीय कार्यालय के एक अधिकारी द्वारा कथित रूप से किशोर ह.पटिल नामक व्यक्ति के साथ सांठगांठ कर यह राशि किसी और को दे दी गई। इस धोखाधड़ी के खिलाफ पार्वती पिछले तीन वर्षों से लगातार उपविभागीय कार्यालय में शिकायत करती रहीं लेकिन अधिकारियों ने उनकी अनदेखी की और उनकी अशिक्षा का फायदा उठाया।आखिरकार पार्वती ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के ठाणे जिला सचिव काॅ.आत्माराम विशे से संपर्क कर मदद की गुहार लगाई।काॅ.आत्माराम विशे ने शांतिनगर पुलिस थाने में लिखित पत्र द्वारा शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उपविभागीय कार्यालय के अधिकारी ने विधवा महिला के साथ धोखाधड़ी की और उनके मुआवजे की पूरी राशि गलत तरीके से दूसरे को दे दी है उन्होंने इस मामले में दोषियों के खिलाफ धोखाधड़ी और एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है। अब यह देखना बाकी है कि प्रशासन इस गंभीर धोखाधड़ी के मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्या पार्वती को न्याय मिल पाएगा।
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