भिवंडी में 100 दिवसीय कार्य योजना के तहत स्टेकहोल्डर्स की बैठक संपन्न

भिवंडी।  महाराष्ट्र सरकार की 100 दिवसीय कार्य योजना के तहत निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भिवंडी-निजामपुर शहर महानगरपालिका द्वारा 13 मार्च 2025 को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक महानगरपालिका के स्व. विलासरावजी देशमुख सभागार में हुई, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त आयुक्त देविदास पवार ने की।

महानगरपालिका प्रशासक एवं आयुक्त अनमोल सागर (भा.प्र.से.) के निर्देशानुसार आयोजित इस बैठक में शहर के प्रमुख व्यापारिक, औद्योगिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक नीति को प्रोत्साहित करना, व्यवसायों के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करना और CSR (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के तहत शहर के सौंदर्यीकरण में सहयोग सुनिश्चित करना था।

इस बैठक में शहर के विभिन्न व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया, जिनमें पावरलूम, सायजिंग और डाइंग एसोसिएशन, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक एसोसिएशन, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, वाहन एवं लॉरी संगठनों के प्रतिनिधि, टोरेंट पावर कार्यालय, सिक्योरिटी एजेंसियां, अमेज़न, मजदूर संघटनाएं, कौशल प्रशिक्षण संस्थान (VTP), सरकारी एवं निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, बिल्डर एसोसिएशन, MCHI, आर्किटेक्चर एसोसिएशन, CREDAI, भिवंडी प्लास्टिक मोती एसोसिएशन, भिवंडी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन, होटल एसोसिएशन, माइलस्टोन एसोसिएशन एवं अन्य व्यापारिक संगठन शामिल थे।

बैठक में शहर में औद्योगिक नीति को प्रभावी तरीके से लागू करने और व्यापारिक वातावरण को अनुकूल बनाने पर जोर दिया गया। व्यापारियों द्वारा औद्योगिक नीति से जुड़ी समस्याओं और चुनौतियों पर चर्चा की गई। CSR फंड के माध्यम से भिवंडी के सौंदर्यीकरण में व्यापारिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित करने और "माझी भिवंडी, स्वच्छ भिवंडी" अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने की रणनीति पर भी विचार किया गया।

व्यापारियों ने महानगरपालिका की पहल का स्वागत करते हुए निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर सहमति जताई। हालांकि, उन्होंने शहर में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर चिंता व्यक्त की। व्यापारियों ने सड़कों, पानी आपूर्ति, सफाई व्यवस्था और अतिक्रमण जैसी समस्याओं के समाधान की मांग की, ताकि व्यापार और उद्योगों को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि शहर की बुनियादी समस्याओं का समाधान किया जाए, तो इससे व्यापार और उद्योगों को तेजी से विकसित होने का अवसर मिलेगा। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आवासीय क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा। व्यापारियों ने यह भी कहा कि व्यवसायों को मजबूती मिलने के बाद CSR फंड के तहत महानगरपालिका क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में सौंदर्यीकरण किया जा सकता है।

इस बैठक में महानगरपालिका के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही, जिनमें अतिरिक्त आयुक्त  विठ्ठल डाके, मुख्य उपायुक्त  रोहिदास दोरकुलकर, उपायुक्त (समाज कल्याण) श्रीमती प्रणाली घोंगे, सहायक आयुक्त (समाज कल्याण) मिलिंद पलसुले, सहायक आयुक्त (प्रशासन) अजित महाडिक और समाज कल्याण विभाग प्रमुख  नितेश चौधरी शामिल थे। बैठक के अंत में प्रशासन ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा और शहर के समग्र विकास के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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