पहली बारिश में खुली मनपा की नाला सफाई का सच

सड़कों पर बहा नालों का गंदा पानी, नागरिकों में फूटा गुस्सा

भिवंडी। पिछले तीन दिनों से रूक रूक हो रही तेज बारिश ने भिवंडी-निजामपूर शहर महानगरपालिका की नाला सफाई की हकीकत सामने ला दी। शहर के कई प्रमुख इलाके तीन बत्ती, पुराना मछली मार्केट, कमला होटल, गुलजार कोर्डिंग, म्हाडा कालोनी, काकूबाई चाल,आजमी नगर, सब्जी मार्केट,कल्याण रोड़, श्रीरंग नगर,पदमा नगर, गुलजार नगर आदि इलाको में नालों से निकला कचरा और गंदा पानी सड़कों पर बहता दिखाई दिया। इससे न केवल नागरिकों को आवागमन में परेशानी हुई, बल्कि संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। बारिश के बाद मुख्य सड़कों पर कीचड़ और बदबूदार गंदगी फैल गई, जिससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दुपहिया वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों ने मनपा पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि हर साल मानसून से पहले सफाई के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत पहले ही पानी में बह जाती है। नागरिकों का आरोप है कि नाला सफाई का काम कागजों पर ही सीमित रह गया। नालों की मिट्टी और कचरा निकालकर सड़क किनारे छोड़ दिया गया, जिसे समय रहते नहीं उठाया गया। नतीजतन, बारिश होते ही वही गंदगी वापस नालों में चली गई और सड़कें गंदे पानी से भर गईं। काई सामाजिक कार्यकर्ताओं  और सामाजिक संगठनों ने मनपा प्रशासन से मांग की है कि संबंधित ठेकेदारों पर दंड लगाया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। मनपा प्रशासन का कहना है कि नाला सफाई काम जारी है और अधिकांश क्षेत्रों में काम पूर्ण होने के कगार पर है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के कारण अवरोध उत्पन्न हुआ, जिसकी सफाई युद्ध स्तर पर की जा रही है।स्थानीय नागरिकों की माने तो यदि जल्द ही स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो वे मनपा मुख्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि हर साल एक जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन मनपा के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती।

रिपोर्टर

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